लखनऊ: कानून व्यवस्था के मुददे पर विधानसभा बाधित करने को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि मुट्ठी भर लोग विधानसभा को बंधक बना रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए ‘शुभ संकेत’ नहीं है. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

उन्होंने कहा कि ‘अपराध दर पिछली सरकार के शासनकाल की तुलना में कम है. पिछली सरकार में हत्या और बलात्कार जैसे मामलो में भी प्राथमिकी नही होती थी, उच्चतम न्यायालय को आदेश देने पड़ते थे. न्यायालय को बार बार हस्तक्षेप करना पड़ता था. हमारी सरकार में सामान्य से लेकर बड़ी से बड़ी घटना तक सभी मामलों की प्राथमिकी दर्ज करने के स्पष्ट आदेश हैं. उन्होंने कहा कि सभी ने राज्य की प्रशंसा की है और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण निवेशक सम्मेलन है. सम्मेलन में चार लाख 68 हजार करोड. रूपये का प्रस्ताव निवेश आया. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

एडीजी ने सीएम योगी को लिखा खत, कहा-रिटायर होने जा रहा हूं, कहीं का अध्यक्ष बना दीजिएगा Also Read - लॉकडाउन: महिला सब-इंस्‍पेक्‍टर ने मजदूर के साथ किया कुछ ऐसा, एसपी ने किया लाइन अटैच

विधानसभा को सार्थक चर्चा का मंच बनना चाहिए
योगी ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस आदि द्वारा कानून व्यवस्था के मुददे पर विधानसभा की कार्यवाही में बाधा डालने की आलोचना की. उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि विधानसभा को सार्थक चर्चा का मंच बनना चाहिये. किंतु विपक्ष खासतौर से सपा और कांग्रेस के नकारात्मक रवैये के कारण विधानसभा को इस सार्थक चर्चा से वंचित होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 विधायक चुनकर आये हैं, लेकिन मुट्ठी भर लोग विधानसभा को बंधक बनाकर अन्य सदस्यों के हकों को मारने का प्रयास कर रहे है.यह लोकतंत्र के लिये बहुत शुभ लक्षण नहीं है. उन्होंने कहा कि देवरिया घटना का मुददा आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उठाया है.

कुंभ 2019 में आमंत्रित किए गए 192 देशों के प्रतिनिधि: योगी आदित्‍यनाथ

देवरिया प्रकरण के दोषियों पर की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देवरिया प्रकरण में जो भी दोषी था हमारी सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. इस प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश भी हमारी सरकार ने की है. जब तक सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में लेती है तब तक इस पूरे मामले को उप्र के एडीजी क्राइम के नेतृत्व में एसपी स्तर की दो महिला पुलिस अधिकारी (तीन सदस्यीय टीम) इस पूरे मामले की जांच कर रही है. उच्च न्यायालय इस मामले की निगरानी कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अपने नाकारेपन को छुपाने और अपनी हास्यास्पद स्थिति को जनता के समक्ष उजागर होने से रोकने के लिए ऐसे मुददों को उठाने का प्रयास कर रहा है जो न्यायालय में विचाराधीन है.