वाराणसी: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के अस्सी घाट स्थित हनुमान मंदिर में माता जानकी की मूर्ति के सामने उपमुख्यमंत्री के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया. कांग्रेस की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने सीता को ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ क्यों कहा, यह जगत जननी का अपमान है.

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कांग्रेस कार्यकर्ता राघवेंद्र चौबे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने ऊटपटांग बयान देकर माता सीता का अपमान किया है. ये भाजपा के लोग संविधान के खिलाफ धर्म की राजनीति करते हैं, इनकी मंशा रहती है कि लोग इन्हें हिंदू धर्म के ठेकेदार समझें और यही लोग सीता का अपमान करते हैं. उपमुख्यमंत्री के बयान का हमारा विरोध जारी रहेगा. वहीं ओम शुक्ला ने कहा कि राम के नाम पर राजनीति करने वाले सीता को भूल जाते हैं. इन्होंने राम की जन्मभूमि से तो बहुत कुछ लिया है और अभी लेना बाकी है, लेकिन इन्हें सीता की जन्मभूमि से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए सीता का अपमान करने में ये संकोच नहीं करते. सच तो यह है कि इन्हें राम से भी नहीं, बल्कि सिर्फ वोट से मतलब है.

यह कहा था उप मुख्‍यमंत्री ने
उप मुख्‍यमंत्री डॉ. शर्मा ने पिछले दिनों क्षेत्रीय स्किल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में कहा था, कि प्राचीन काल में भी भारत में टेक्नोलॉजी मौजूद थी. महाभारत और रामायण काल में लाइव टेलिकास्ट से लेकर टेस्ट ट्यूब बेबी टेक्नोलॉजी तक का इस्तेमाल किया जाता था. सीता का जन्म टेस्ट ट्यूब बेबी टेक्नोलॉजी से ही हुआ था. उन्होंने कहा था कि जिस तरह कुरुक्षेत्र में महाभारत के युद्ध का सजीव वर्णन संजय ने हस्तिनापुर के महल में बैठकर किया, उसी तरह आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का लाइव टेलिकास्ट होता है. आज अगर हम विमान की बात करते हैं तो रामजी के समय में पुष्पक विमान हुआ करता था, जिस पर सवार होकर वह लंका से अयोध्या पहुंचे थे. उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि इसी तरह सीताजी का जन्म एक घड़े से होने का भी जिक्र है, जो आज की टेस्ट ट्यूब बेबी टेक्नोलॉजी रही होगी. जनकजी के हल चलाने पर जमीन से एक घड़ा निकला और उसमें से सीताजी निकलीं. वह कहीं न कहीं टेस्ट ट्यूब बेबी जैसी टेक्नोलॉजी रही होगी.