यूपी में नए कांग्रेस अध्यक्ष के पद संभालते ही मचा हंगामा, पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू

कांग्रेस की नवगठित समिति में नए अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के पद संभालने से पहले ही हंगामा शुरू हो गया है. कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं और कुछ ने तो इस्तीफे भी दे दिए हैं.

Published date india.com Published: October 10, 2019 4:44 PM IST
Congress
कांग्रेस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नवगठित समिति में नए अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के पद संभालने से पहले ही हंगामा शुरू हो गया है. कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं और कुछ ने तो इस्तीफे भी दे दिए हैं. कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने सलाहकार समिति में शामिल होने में असमर्थता जाहिर कर दी है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मैं प्रियंका गांधी वाड्रा को कोई सलाह देने की स्थिति में नहीं हूं. इसके बाद सलमान खुर्शीद ने ‘राहुल गांधी चले गए’ बयान दे दिया, जो प्रदेश कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.

वाराणसी से सांसद रह चुके राजेश मिश्रा प्रदेश में कांग्रेस के प्रमुख ब्राह्मण चेहरा हैं. उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि वह अपेक्षाकृत कम अनुभवी अजय कुमार लल्लू को कांग्रेस की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से नाराज हैं.

बसपा अध्यक्ष मायावती ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा-प्रदेश में अपराधियों का चल रहा है जंगलराज

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

मिश्रा के एक करीबी सूत्र ने कहा, प्रियंका गांधी से निकटता के कारण लोकसभा चुनावों में अजय कुमार लल्लू ने टिकट बंटवारे में प्रमुख भूमिका निभाई. हाल ही में हमीरपुर में हुए उपचुनाव में भी टिकट पर अंतिम निर्णय उन्होंने लिया और परिणाम के लिए उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

वहीं, कांग्रेस की नई कमेटी के प्रति असंतोष जताते हुए कांग्रेस के पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सिराज मेंहदी ने पार्टी हाई कमान को अपना इस्तीफा भेज दिया है. उन्होंने एआईसीसी और पीसीसी दोनों से इस्तीफा दे दिया है. अपने दो पन्नों के पत्र में सिराज मेंहदी ने कहा है कि वे इस बात से दुखी हैं कि नई कमेटी में शिया समुदाय को शामिल नहीं किया गया है.

यूपी में भाजपा शासन पर अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- प्रदेश में रामराज नहीं ‘नाथूराम राज’ है

मेहंदी ने कहा, भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने शिया समुदाय का एक मंत्री (मोहसिन रजा) और एक अन्य शिया बुक्कल नवाब को एमएलसी बनाया है. एक अन्य शिया नेता गैरुल हसन रिजवी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हैं. कांग्रेस ने शिया समुदाय को पूरी तरह नजरंदाज कर दिया, जिसने हाल ही में लोकसभा चुनाव में लखनऊ से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद कृष्णन को बहुतायत में वोट दिया था. मेंहदी ने समिति में 50 साल से ज्यादा आयु के नेताओं को नजरंदाज करने पर भी आपत्ति जताई.

(इनपुट-आईएएनएस)

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें States की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.