लखनऊ: समाज अभी जिंदा है, इंसानियत इतनी मरी नहीं. लोगों ने एक बार फिर से ज़मीर के होने का सुबूत दिया है. एक संस्था ने उन्नाव रेप पीड़िता व कठुआ में रेप-हत्या का शिकार हुई बच्ची के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए मांगे थे, लेकिन लोगों ने तो झोली ही भर दी. अपील इतनी रंग लाई कि देश विदेश से सैकड़ों लोगों ने गुप्त दान कर लगभग 40 लाख रुपए एकत्रित करा दिए. ये रकम उन्नाव रेप पीड़िता व कठुआ रेप पीड़िता के परिजनों के खातों में भेज दी गई है. सामाजिक संस्था अपने इस काम से चर्चा का विषय बनी हुई है.

दिल्ली के बिलाल जैदी ने चलाई थी मुहीम
दरअसल, दिल्ली के रहने वाले बिलाल जैदी एक सामाजिक संस्था चलाते हैं. उन्होंने अप्रैल माह में उन्नाव रेप पीड़िता और कठुआ में रेप-हत्या का शिकार हुई बच्ची के परिजनों की मदद का इरादा किया. उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया पर ऑनलाइन क्राउड फंडिंग के जरिए मदद की अपील की. उन्होंने दोनों रेप पीड़िताओं के लिए 10-10 रुपए लोगों से मांगे. कुछ दिन में ही अपील रंग लाने लगी. लोगों ने रुपए भेजना शुरू किया, लेकिन अपील इस कदर रंग लाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था.

इतनी तेजी से रुपए आए कि खता ही बंद करना पड़ा
संस्था के खाते में धड़ाधड़ रुपए आना शुरू हो गए. दो माह से कम समय में 40 लाख रुपए एकत्रित हो गए. संस्था के बिलाल जैदी बताते हैं कि उन्हें लोगों का सकारात्मक रवैया देख उन्हें बेहद हैरत हुई. रुपए इतनी तेजी से आ रहे थे कि उन्हें आखिरकार वो खाता ही बंद करना पड़ा जिसमें लोगों द्वारा रुपए भेजे जा रहे थे. 40 लाख रुपयों को 20-20 रुपए में विभाजित कर पीड़िताओं के परिजनों को भेज दिए गए हैं. बिलाल ने बताया कि उन्नाव रेप पीड़िता की मां के खाते में 20 लाख रुपए भेजे गए. टैक्स कट कर उन्हें 18 लाख से अधिक रुपए मिले हैं.

सरकार से अब तक नहीं दी गई मदद
बता दें कि उन्नाव रेप केस में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उसके साथियों पर ही पीड़िता से गैंगरेप का आरोप है. मामले की जांच सीबीआई कर रही है. विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में है. यूपी में बीजेपी की सरकार ने अब तक उन्नाव रेप पीड़िता को आर्थिक मदद नहीं दी है, लेकिन सामाजिक संगठन पीड़िता की मदद को आगे आए हैं.

क्या है कठुआ मामला
जिले के रसाना में दो समुदायों की लड़ाई में एक देवस्थान के केयरटेकर ने अपने बेटे, भतीजे और कुछ पुलिस वालों के साथ मिलकर 8 साल की लड़की का पहले अपहरण और फिर गैंगरेप को अंजाम दिया. इस मामले में पुलिस के अधिकारी भी शामिल था. लड़की को सात दिन तक देवस्थान पर ही रखा गया था और कई बार उसके साथ रेप किया गया. लड़की की छत-विक्षत लाश मिलने पर लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार पर दबाव बनाया. बाद में क्राइम ब्रांच को मामला दे दिया गया. क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले का खुलासा करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया.

क्या है उन्नाव मामला
उन्नाव में एक लड़की ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाया. मामला तब और गंभीर हो गया जब ये आरोप लगा कि शिकायत करने थाने पहुंचे पीड़िता के पिता की पुलिस पिटाई से मौत हो गई. पीड़िता ने यूपी सीएम के आवास के बाहर सुसाइड का प्रयास किया था.  मामला तूल पड़ता देख योगी सरकार ने पहले एसआईटी जांच के आदेश दिए. लेकिन वहां से भी चीजें स्पष्ट नहीं हुई तो सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं. सीबीआई मामले की जांच कर रही है. विधायक फिलहाल जेल में है.