मथुरा: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दावा किया कि पत्रकारिता की शुरुआत महाभारत काल में ही हो गयी थी और पौराणिक पात्रों ‘संजय’ और ‘नारद’ को वर्तमान समय में सीधे प्रसारण तथा गूगल से जोड़कर देखा जा सकता है. ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ पर बुधवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शर्मा ने 1826 में पत्रकारिता शुरू होने के दावों समेत अन्य तथ्यों को एक तरफ रखते हुए दावा किया कि भारत में तो पत्रकारिता सदियों पूर्व महाभारत के काल में ही शुरू हो गयी थी. Also Read - आरोग्य सेतु की तरह गूगल और एप्पल ने कोरोना संक्रमण रोकने वाले एप की तकनीक जारी की

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उन्होंने दावा किया, ‘‘इतना ही नहीं मोतियाबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में शुरू हुई थीं. उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘महाभारत काल में युद्ध के दौरान संजय द्वारा धृतराष्ट्र को महल में बैठे-बैठे युद्ध के मैदान का आंखों देखा हाल सुनाया जाता था. यह आज के समय टीवी पर होने वाला सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) नहीं तो और क्या है.’’ शर्मा ने कहा, ‘‘आज जिस गूगल को लोग हर विषय के जानकार के रूप में जानते हैं, महाभारत काल में एक विशेष चरित्र हुआ करता था ‘नारद’ मुनि. जो कभी भी, कहीं भी पहुंच जाते थे और हर समस्या का निदान सुझा देते थे. वह भी केवल तीन बार नारायण-नारायण, बोलकर. पल भर में कोई भी संदेश कहीं भी पहुंचा देते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने गौरवशाली अतीत को कभी नहीं भूलना चाहिए.’’ Also Read - एप्पल-गूगल ने मिलकर बनाया ये ऐप, कोरोना संक्रमण लगने से पहले कर देगा सचेत

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उप मुख्यमंत्री ने देश में प्रेस की आजादी की सराहना की और कहा कि सरकारों को मीडिया के लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए. समारोह में बीते एक वर्ष में जनपद के पांच पत्रकारों की असमय मृत्यु हो जाने से उनके परिजनों को मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद दिलाने का भी शर्मा ने भरोसा दिलाया. शर्मा ने कहा कि यदि उनके आश्रितों के बारे में पूरी जानकारी देते हुए मांगपत्र दिया जाए तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस संबंध में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे.

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इससे पहले त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री बिप्‍लव कुमार देब भी इसी तरह का बयान दे चुके हैं. करीब एक महीने पहले उन्‍होंने कहा था कि महाभारत काल में भी इंटरनेट मौजूद था. उन्‍होंने भी संजय का उदाहरण देते हुए बताया था कि उस दौर में इंटरनेट और सैटेलाइट की सुविधाएं मौजूद थीं.