लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आचार संहिता उल्लंघन और 10 साल पुराने दुर्गा पूजा पंडाल समिति मामले में प्रयागराज अदालत में समर्पण किया, जहां से उन्हें जमानत दे दी गई. उपमुख्यमंत्री मौर्य पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े दो मामलों सहित 10 साल पुराने दुर्गा पूजा पांडाल समिति में हुए विवाद का केस दर्ज हैं. अदालत ने सितंबर वर्ष 2008 के मामले में उपमुख्यमंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे.

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न्यायालय के अधिवक्ता एस.एन. नसीम ने संवाददाताओं को बताया कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ तीन मुकदमों की शुक्रवार को तारीख लगी थी. मौर्य ने न्यायालय में जमानत की अर्जी दाखिल की थी जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया. उन्होंने बताया कि इन मामलों में एक मामला 22 सितंबर, 2008 का था जिसमें मौर्य पर आरोप था कि उन्होंने दुर्गा पूजा के नाम पर एक फर्जी पैड छपवाकर वसूली की थी. इस मामले में मौर्य पर 420, 467 और 468 धारा के तहत मुकदमा कायम हुआ था. इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी, 2019 को होगी.

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साजिश के तहत लिखे गए मुकदमें- मौर्य
न्यायालय परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करते हुए बहुत सारे मुकदमे हमारे खिलाफ लिखे गए थे. विशेष अदालत बनाए जाने के कारण इसकी निरंतर सुनवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि आज तीन ऐसे मामले थे जिसमें जमानत नहीं थी. हमारे वकीलों ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी की है और जब भी अदालत हमें आने के लिए कहेगी, हम आएंगे. हमारे खिलाफ कई ऐसे मुकदमे हैं जो साजिश के तहत लिखे गए और कुछ आंदोलन के कारण लिखे गए.  (इनपुट एजेंसी))