लखनऊ: अपने विवादित बयानों के चलते अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री व भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर जब भी मुंह खोलते हैं कुछ अतरंगी ही बोलते हैं, अब उनका कहना है कि चीन का बिजनेस लाइसेंस रद्द करने से करोड़ों युवाओं को नौकरी मिल जाएगी. वहीँ पूर्वांचल को अलग राज्य बनाए जाने की भी राजभर ने जोरदार वकालत की. Also Read - US से टकराव की तैयारी कर रहा चीन, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ा खतरा: अमेरिकी खुफिया निदेशक

निरक्षरता, गरीबी, बेरोजगारी का शिकार पूर्वांचल

अपने ताजा बयान में ओपी राजभर ने पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की मांग की. हालांकि यह कोई नई बात नहीं है समय-समय पर विभिन्न दलों और नेताओं द्वारा ऐसी मांग उठाई जाती रही है विशेषकर जब कोई चुनाव नजदीक होते हैं. मीडिया से मुखातिब राजभर ने कहा प्रदेश के विभाजन के बिना पूर्वांचल का विकास संभव नहीं है. ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा पूर्वांचल में निरक्षरता, गरीबी और बेरोजगारी चोटी पर हैं. यह तभी समाप्त होगा, जब पूर्वांचल एक अलग राज्य होगा. पूर्व में भी राजभर केंद्र व राज्य सरकार से पूर्वांचल में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए अलग पूर्वांचल राज्य बनवाने की मांग कर चुके हैं.

शराबबंदी की फिर की हिमायत

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बलिया, वाराणसी और आजमगढ़ में शराब के खिलाफ अभियान चलाया जाए, मथुरा में शराब पर प्रतिबंध लग चुका है लेकिन वो उत्तर प्रदेश में बिहार और गुजरात की तरह शराब पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं. सर्वे ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 60% लोग अशिक्षित हैं. शराब भी इसका एक मुख्य कारण है.

उन्होंने कहा चीन ने हमारे उपभोक्ता बाजार पर कब्ज़ा कर लिया. चाइनीज उत्पादों को पूरे देश भर में बेचा जाता है. चीन यहां व्यवसाय करता है, यहीं से धन कमाता है उसके बाद हथियार खरीदने और भारत को धमकी देने के लिए उसी धन का उपयोग करता है. राजभर का कहना है कि उनका ये मानना है कि अगर चीन का बिजनेस लाइसेंस रद्द कर दिया जाए तो देश भर के करोड़ों बेरोजगार युवाओं को यहां नौकरी मिलेगी.

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