बलिया (उत्तर प्रदेश): बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) से जुड़े बहुचर्चित एम्बुलेंस प्रकरण (Ambulance Case) में उत्‍तर प्रदेश शासन ने बाराबंकी के तत्कालीन संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश्वर यादव को सस्‍पेंड कर दिया है. संभागीय परिवहन अधिकारी के तौर पर यादव एम्बुलेंस के पंजीकरण के समय बाराबंकी में तैनात थे. वह जुलाई 2019 से बलिया में पदस्थ हैं.Also Read - एक ऐसा बस स्टैंड जो रात को 8.30 के बाद होता है आबाद, हर तरफ रहते हैं एजेंट; जानें पूरा मामला

अपर जिलाधिकारी राम आसरे ने बलिया के संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश्वर यादव को निलम्बित किए जाने की गुरुवार को पुष्टि की. विभागीय सूत्रों के अनुसार यादव के विरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी से जुड़े बहुचर्चित एम्बुलेंस प्रकरण में प्रदेश शासन ने यह कार्रवाई की है. Also Read - राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत बोले, सुना है लोग कह रहे हैं हमारे परिवार का विकास दुबे जैसा हश्र होगा

गौरतलब है कि जबरन वसूली के एक मामले में बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को गत 31 मार्च को पंजाब के मोहाली स्थित अदालत में पेश किया गया था. अंसारी को जिस एम्बुलेंस से लाया गया था, उस पर बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी. जब पुलिस ने जांच की तो पाया कि मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका अलका राय और उनके कुछ सहयोगियों ने वर्ष 2013 में इस एम्बुलेंस का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराया है. उस वक्त राजेश्वर यादव बाराबंकी के संभागीय परिवहन अधिकारी थे. Also Read - यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में आज लगेगी कई प्रस्तावों पर मुहर। Watch Video

इस मामले में बाराबंकी की नगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया, जिसमें मुख्तार अंसारी को साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया गया था. बाराबंकी पुलिस का कहना है कि डॉक्टर अलका राय, उनके सहयोगी डॉक्टर शेषनाथ राय, मुख्तार अंसारी, मुजाहिद, राजनाथ यादव और अन्य ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एम्बुलेंस के पंजीकरण के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे.

इस मामले में पुलिस ने अलका राय, शेषनाथ राय और राजनाथ यादव को गिरफ्तार किया है, जबकि आनंद यादव, शाहिद और मुजाहिद की गिरफ्तारी के लिए उन पर इनाम घोषित किया गया है.