UP Election 2022: यूपी विधानसभा चुनाव के तीसरे और चौथे चरण के मतदान को लेकर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक मैराथन बैठक की. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए. तकरीबन चार घंटे तक चली इस बैठक में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद और दिनेश शर्मा के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल हुए. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी ने तीसरे और चौथे चरण में जिन विधानसभा सीटों पर मतदान होना है, उसके लिए उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने बताया कि 19 जनवरी को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी, जिसमें उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा.Also Read - सपा की विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए आजम खान, अब्दुल्ला आज़म और शिवपाल यादव, पार्टी ने बताई ये वजह

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के लिए 107 उम्मीदवारों की घोषणा की थी. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर शहर से चुनाव लड़ने और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कौशाम्बी जिले की सिराथू सीट से चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की गई थी. पार्टी ने जिन 107 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी, उनमें से 105 सीटों पर पहले और दूसरे चरण में मतदान होना है. गोरखपुर में छठे चरण के तहत तीन मार्च को जबकि सिराथू में पांचवें चरण के तहत 27 फरवरी को मतदान होना है. Also Read - 'हमारे लिए जनता सबसे पहले है', पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में कटौती के बाद कहा

पार्टी की ओर से जारी पहली सूची में 20 विधायकों के टिकट भी काटे गए थे. सूत्रों ने बताया कि टिकट जाने से व्याप्त हुए असंतोष को थामने के लिए भी पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है और इसके लिए सांसदों की एक समिति का भी गठन किया है. ज्ञात हो कि आगरा जिले में पार्टी ने पांच विधायकों के टिकट काटे हैं और अभी तक यहां सबसे अधिक असंतोष सामने आया है. पहले और दूसरे चरण में कुल 113 सीटों पर मतदान होना है जबकि दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा. उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 60 सीटों पर, तीन मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और सात मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा. Also Read - गुजरात में पार-तापी-नर्मदा नदी जोड़ो परियोजना रद्द, विरोध के बाद सीएम भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला

गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अकेले 312 और उसके सहयोगियों को 13 सीटों पर जीत मिली थी. सत्ता गंवाकर प्रमुख विपक्षी दल बनी समाजवादी पार्टी सिर्फ 47 सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी.