झांसी: उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका सूखे और गरीबी के लिए भी जाना जाता है, लेकिन एक किसान ने दुल्हन बनी अपनी बेटी की विदाई हेलीकॉप्टर से करा दी. बेटी की इच्छा थी कि ऐसा हो. हेलीकॉप्टर से विदा होने पर दुल्हन ने अपने किसान पिता को धन्यवाद बोला और कहा कि ‘हेलीकॉप्टर से विदाई मेरा एक सपना था, जिसे मम्मी-पापा और भाई ने पूरा कर दिया. अब मैं जिंदगी भर मम्मी-पापा से कुछ नहीं मांगूंगी.’

किसान पिता ने कहा- बेटी की इच्छा थी, जो पूरी कर दी
झांसी शहर के नजदीक मैरी गांव के रहने वाले राकेश सिंह यादव ने बताया कि उसकी लाड़ली बेटी ने हेलीकॉप्टर से अपनी विदाई की इच्छा जाहिर की थी, जिसे पूरा कर दिया गया है. उसकी तीन बेटियों में सबसे छोटी यही थी. बेटी चाहती थी कि वह हेलीकॉप्टर में विदा हो. उसने उसकी इच्छा का सम्मान किया और हेलीकॉप्टर का इंतज़ाम कर उसी से विदा कराई. इससे पहले भी बुंदेलखंड में हेलीकॉप्टर से दुल्हन विदा होती रही हैं. झांसी के मोंठ में भी दूल्हा दुल्हन को लेने हेलीकॉप्टर से पहुंचा था.

गांव वालों और परिजनों में दिखा उड़नखटोले का क्रेज
शादी की रस्मों के बाद जब विदाई की बारी आई तो लोगों में इस अनोखी विदाई देखने की चाह उमड़ पड़ी. इस विदाई को देखने के लिए मैदान में हेलीकॉप्टर के चारों तरफ भारी भीड़ जमा हो गई. भीड़ में बच्चे और महिलाओं के अलावा तमाम बुजर्ग भी नजर आ रहे थे. भीड़ तब तक टकटकी लगाए उड़नखटोले को देखता रही जब तक की वह उड़ कर आंखों से ओझल नहीं हो गया. परिजनों में भी विदाई के गम से ज्यादा उड़नखटोले का क्रेज दिखा. गांव वालों के लिए ये किसी अजूबे से कम नहीं था.