बांदा: जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के कोलावल रायपुर बालू खदान के पास केन नदी में करीब तीन सौ किसानों ने बृहस्पतिवार की सुबह से बालू माफिया के खिलाफ कथित अवैध बालू खनन और अपनी फसल उजाड़ने के विरोध में ‘जल सत्याग्रह’ शुरू किया. किसानों का कहना है कि बालू माफिया के हथियारबंद लोगों ने रविवार की रात किसानों पर गोलियां भी चलाई थीं. Also Read - आंदोलन कर रहे किसानों की मानी गईं मांगे, वापस लौटे प्रदर्शनकारी, एनएच 9 पर लगा भारी जाम

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अवैध खनन के साक्ष्य मिले
उप-जिलाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोलावल रायपुर बालू खदान में केन नदी की जलधारा में मशीनों से गहराई तक बालू खनन और बालू भरे ट्रकों को किसानों के खेतों से जबरन निकालने के विरोध में सुबह लगभग तीन सौ किसानों ने केन नदी की जलधारा में जल-सत्याग्रह शुरू किया. सत्याग्रह करने वालों में 50 महिलाएं भी हैं. एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया कि यह बालू खदान कोलकाता की स्टार नेट कंपनी को पांच साल के लिए पट्टे पर आवंटित की गई है. मौके पर पाया गया है कि कंपनी ने अपने सीमा क्षेत्र से हट कर बालू खनन कराया है और बालू निकासी के लिए नदी में अस्थाई अवैध पुल का भी निर्माण किया है. Also Read - UP: बांदा में ध्वस्त विद्युत व्यवस्था से परेशान किसानों का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी

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बालू माफिया पर कार्रवाई चाहते हैं किसान
उप-जिलाधिकारी ने बताया कि आन्दोलन की अगुआई कर रहे सामाजिक संगठन विद्याधाम समिति के राजा भइया सिंह और चिंगारी संगठन की शोहरत फातिमा से बातचीत कर मामले का हल निकालने की कोशिश की जा रही है. राजा भइया सिंह ने बताया कि खेत की फसल चौपट कर बालू भरे ट्रक जबरन निकालने का विरोध करने पर बालू माफिया के हथियारबंद लोगों ने रविवार की रात किसानों पर गोलियां चलाई थीं. सिंह का आरोप है कि बालू माफिया के दबाव में उस गोलीबारी कांड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. (इनपुट एजेंसी)