लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को शिक्षामित्रों के भारी विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी समस्या को हल करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा की. इस समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे और यह समिति शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है. इस समिति में वित्त विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग एवं न्याय विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे. शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि समिति को शिक्षामित्रों की समस्याओं के हल के संबंध में सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी होगी. शिक्षामित्रों ने बुधवार को समायोजन रद्द होने का एक वर्ष पूरा होने पर राजधानी में प्रदर्शन किया और महिला शिक्षामित्रों ने भी मुंडन करा कर विरोध जताया. 25 जुलाई, 2017 को सर्वोच्च अदालत ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था.

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मान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे शिक्षामित्र
बता दें कि शिक्षामित्र बीते एक वर्ष से समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनके समायोजन तक उन्हें शिक्षक के समान वेतन दिया जाए. शिक्षामित्र अध्यादेश लाकर समायोजन की मांग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की तरह बीएड और टीईटी पास अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी समिति का गठन किया है. इस समिति में प्रमुख सचिव न्याय अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और प्रमुख सचिव गृह शामिल किए गए हैं.