लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिछले दिनों एक रेलवे कर्मचारी के साथ धक्का-मुक्की करने वाले एक जर्मन नागरिक को जाली वीजा के आधार पर यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया. सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक आर. पी. सिंह ने टेलीफोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि जर्मन नागरिक होल्गर एरीक को सुबह गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार किए गए शख्स के पास पर्यटक वीजा नहीं था और उसका पासपोर्ट जाली पाया गया. उसके खिलाफ विदेशी पर्यटक अधिनियम की धारा 14 (अ), भारतीय दण्ड विधान की धारा 419 (ठगी) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. एरीक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुबोध वार्ष्णेय की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया.

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पिछली तीन नवंबर को यही जर्मन नागरिक सोनभद्र के राबर्टसगंज रेलवे स्टेशन पर रेल सुपरवाइजर अमर कुमार से उलझ पड़ा था. इसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर लाये जाने पर उसने पुलिसकर्मियों पर भी डंडे से हमला करते हुए भागने की कोशिश की थी.

जीआरपी (मिर्जापुर) के निरीक्षक समर बहादुर सिंह ने बताया कि एरीक ने पुलिस के वाहन से उतरते ही दारोगा हरिकेश राम आजाद और मिथिलेश यादव को लाठी से पीटा. चूंकि वह विदेशी मेहमान है, इसलिये इस मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आनन्द कुमार ने कल संवाददाताओं को बताया था कि रेलवे के सुपरवाइजर और जर्मन नागरिक ने आपसी मारपीट के मामले में एक-दूसरे के खिलाफ असंज्ञेय रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज करायी थी.

पुलिस के मुताबिक जर्मन नागरिक एरीक सम्भवत मानसिक रूप से ठीक नहीं है. शायद इसलिये उसने रेलवे कर्मचारी और जीआरपी कर्मियों पर हमला कर दिया.