गोरखपुर: डॉ. कफील के भाई कासिफ जमील पर जानलेवा हमले के बाद उनकी हालत में सुधार है. उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. वहीं, डॉ. कफील की मां ने घटना के बाद कहा कि उनके परिवार को पुलिस प्रोटेक्शन की जरूरत है. हम सब डरे हुए हैं. इससे पहले डॉ. कफील खान ने कहा कि ‘मेरे भाई को आज तीन गोलियां मारी गई हैं. हत्या करने की कोशिश की गई है. मैंने हमेशा से कहा था कि वे हमें मारने की कोशिश करेंगे.’ डॉ. कफील खान गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 63 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आए थे. उन पर इन बच्चों की मौत का आरोप है. इसके चलते जेल गए कफील को सात माह बाद जमानत मिली थी. जेल से निकलने के बाद उन्होंने खुद को फंसाने के लिए प्रशासन के लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. हाल ही में डॉ. कफील को केरल सरकार ने निपाह वायरस के मरीजों के इलाज के लिए केरल बुलाया था.

गोरखपुर: डॉ. कफील के भाई को एक के बाद एक मारी गई तीन गोली, हालत गंभीर

अब तक नहीं मिली शिकायत
गोरखपुर के एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि डॉ. कफील के भाई की हालत ठीक है. हम आगे की कार्रवाई के लिए कासिफ के परिवार की ओर से लिखित शिकायत का इंतेजार कर रहे हैं. अब तक गोलीकांड के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि घटना का पर्दाफाश किया जाएगा.

ये है घटना
बता दें कि रविवार रात करीब 10 बजे डॉ. कफील खान के भाई कासिफ जमील अपने परिचित से मिलकर लौट रहे थे. इसी दौरान उन्हों दो बाइक सवारों ने निशाना बनाया. कोतवाली थाने के निरीक्षक घनश्याम तिवारी ने बताया कि रात में करीब 11 बजे बाइक सवार कुछ बदमाशों ने जेपी अस्पताल के पास जमील पर गोलियां चलाई. उन्होंने बताया कि जमील के दाहिने हाथ, गर्दन और चेहरे पर चोटें आई हैं.

गोरखपुर केस के हैं आरोपी
बता दें गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों के मृत्यु के बाद डॉ. कफील पर गंभीर इलजाम लगे थे. अस्पताल में वॉर्ड सुपरिटेंडेंट कफील घटना के बाद से वह फरार चल रहे थे. उन्हें यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. उन्हें दोषी मानकर जेल भी भेज दिया गया था. वह सात महीने जेल में रहे थे. पिछले महीने में ही उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है. कफील ने जेल से चिट्ठी लिखकर शिकायत की थी.