लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य स्वच्छता मिशन को लेकर राज्य सरकार की ओर से एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है. इस रणनीति के केंद्र में ग्रामीण समुदाय को रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन को एक जनांदोलन के रूप में लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए 500 प्रशिक्षण केंद्रों का आयोजन कर 60 हजार स्वच्छाग्रहियों की टीम तैयार की गई है.

चौधरी ने लाल बहादुर शास्त्री भवन में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि दो अक्टूबर, 2018 तक उत्तर प्रदेश को खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, अभी 30 जनपदों को ही खुले में शौच से मुक्त किया जा सका है. प्रदेश के 30 जनपदों के कुल 82,883 गांवों को खुले में शौचमुक्त किया गया है. उन्होंने बताया कि एक करोड़ 41 लाख शौचालय अभी तक बनाए जा चुके हैं. जहां पर शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायतें मिली हैं, उसकी जांच की जा रही है. जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी.

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60 हजार स्वच्छाग्रहियों की फौज तैयार
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में लगभग 500 प्रशिक्षण का आयोजन कर 60 हजार स्वच्छाग्रहियों की फौज तैयार की गई है. इनका काम स्वामित्व प्रदान ग्रामों के समुदाय के व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा.