नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह को यूपी सरकार ने वाई-प्लस सुरक्षा दी है. दरअसल बीते दिनों रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश होने को लेकर रायबरेली टोल प्लाजा पर अदिति सिंह पर हमला हुआ था. इसके बाद उन्होंने योगी सरकार से सुरक्षा की मांग की थी. लेकिन योगी सरकार ने अदिति सिंह को ऐसे समय में वाई-प्लस सुरक्षा दी है जब उन्होंने अपनी पार्टी लाइन से अलग जाकर काम किया. दरअसल पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की करीबी मानी जानें वाली रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाये गये उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया जिसका कि उनकी पार्टी ने बहिष्कार किया था.

उन्होंने बुधवार से शुरू हुए 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र में हिस्सा लिया और अपनी बात भी रखी. विपक्षी पार्टियों समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस, एसबीएसजे ने इस सत्र का विरोध किया है और उनका दावा है कि राज्य सरकार सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा किया. हालांकि पार्टी से अलग अदिति सिंह ने इसमें भाग लिया था. ये पहला मौका नहीं था जब अदिति सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर कुछ किया हो. इससे पहले अदिति सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया था.

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पत्रकारों से बात करते हुए, रायबरेली के एसपी स्वप्निल ममगाईं ने कहा कि अपग्रेड के तहत, उन्हें 10 सशस्त्र गार्ड सुरक्षा कवर के लिए दिए जाएंगे. उनके पास तीन गनर पहले से ही थे. इसके अलावा, दो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), चार कर्मियों के साथ एक एस्कॉर्ट वाहन और उनके निवास पर चार गार्ड भी तैनात किए जाएंगे.

बुधवार को, कांग्रेस द्वारा लखनऊ में आयोजित पैदल मार्च में भाग लेने के बजाए यूपी विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि उन्होंने जो महसूस किया, वही किया. उन्होंने आगे कहा कि वह पार्टी लाइन से ऊपर उठकर गईं और विकास के बारे में बात करने की कोशिश की.