पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस कॉलेज में की थी पढ़ाई, उसमें यूपी सरकार कर रही ये काम

उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कानपुर के डीएवी कालेज में 'सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की स्थापना' के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.

Updated: November 29, 2018, 10:23 AM IST

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  के नाम पर कानपुर के डीएवी कालेज में ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की स्थापना’ के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. पाण्डेय ने प्रदेश में अध्ययनरत छात्रों को उच्च शिक्षा दिलाने हेतु 46 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना किये जाने के निर्णय का क्रियान्वयन जल्द कराने को भी कहा.

यहां लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान पाण्डेय ने कहा कि डीएवी कॉलेज, कानपुर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  द्वारा शिक्षा ग्रहण की गयी थी, इसलिये उनके नाम पर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये का नियमानुसार उपयोग प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाये. पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों को असाधारण अवकाश के अतिरिक्त 05 वर्ष का अतिरिक्त विशेष अवकाश नियमानुसार अनुमन्य कराया जाये.

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विश्वविद्यालयों को शैक्षिक कलेंडर जारी करने को कहा

उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों में सत्र 2018-19 का प्रथम बार शासन स्तर से निर्धारित शैक्षिक कैलेण्डर के अनुसार आगामी 25 जून, 2019 तक समस्त परीक्षा परिणाम घोषित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायें. उन्होंने कहा कि आगामी नया सत्र 10 जुलाई से प्रत्येक दशा में प्रारम्भ कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये. उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर को अन्तर्राष्ट्रीय बुद्धिस्ट सेंटर एवं सेंटर फार एक्सिलेंस इन हिन्दुज्म, बुद्धिज्म एण्ड जैनिज्म के रूप में विकसित किये जाने की कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए.

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पण्डित दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना के काम में तेजी के निर्देश

उन्होंने कहा कि प्राच्य भाषा के अन्तर्गत संस्कृत, पाली, प्राकृत एवं अपभ्रंश एवं विदेशी भाषाओं में नेपाली, तिब्बत, सिंहली, जापानी, थाई एवं कोरियाई भाषाओं एवं संस्कृति का अध्ययन कराया जायेगा. इन भाषाओं के अध्ययन कराने हेतु 21 शैक्षिक एवं 24 शिक्षणेत्तर पदों का सृजन कराया गया है. मुख्य सचिव ने पण्डित दीन दयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं चिन्तन पर शोध कार्य हेतु प्रदेश के 15 राज्य विश्वविद्यालयों में पण्डित दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना के काम में तेजी के निर्देश दिये. इसके अतिरिक्त शोध कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में भाऊराव देवरस शोधपीठ तथा अभिनव गुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ शैव फिलोसफी एवं एस्थेटिक्स की स्थापना कराने का निर्णय लिया गया है.

यूपी में 16 राज्य, 01 मुक्त, 01 डीम्ड और 27 निजी विश्वविद्यालय

उन्होंने कहा कि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर में महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ की स्थापना कराने हेतु शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के 28 पदों का सृजन कराया गया है. सृजित पदों पर चयन की कार्यवाही नियमानुसार प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जाये. बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ अनीता भटनागर जैन ने बताया गया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु वर्तमान में 16 राज्य विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय, 01 डीम्ड विश्वविद्यालय, 27 निजी विश्वविद्यालय, 158 राजकीय महाविद्यालय, 331 अनुदान सूची पर अशासकीय महाविद्यालय तथा 6192 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं. (इनपुट एजेंसी)

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