नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के काम पर निगरानी और उसमें तेजी लाने के लिए मंगलवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए), नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ करार किया. राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. वर्तमान में भूमि अधिग्रहण पर निगरानी का काम जेवर के उप विभागीय मजिस्ट्रेट की निगरानी में चल रहा है. परियोजना की नोडल एजेंसी वाईईआईडीए बोली दस्तावेज तैयार करने की प्रकिया शुरू करेगा. इसके लिए बोली की प्रकिया इस वर्ष जुलाई अंत से शुरू हो सकती है. Also Read - Aaj Ka Panchang 20 Jan 2021: पढ़ें आज का पंचांग, जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त

2022 तक शुरू होने की संभावना
गौरतलब है कि दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है. इसके 2022 तक चालू हो जाने की संभावना है. चार चरणों में इस पर लगभग 15,754 करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा. एकदम नए सिरे से विकसित (ग्रीनफील्ड परियोजना) किए जाने वाले इस एयरपोर्ट के संबंध में राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा था. Also Read - Kisan Andolan: बनेगी बात या जारी रहेगा आंदोलन? सरकार और किसान संगठनों के बीच 10वें दौर की बैठक आज

आईजीआई का बोझ कम करना मकसद
एयरपोर्ट का एक मकसद दिल्ली के इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बोझ कम करना और आकस्मिक समय में उसके विकल्प के तौर पर उपयोग करना भी है. परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए कुल आठ गांव की 1,441 हेक्टेअर भूमि की खरीद या अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है. इस पर कुल चार चरणों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर लगभग 15,754 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना संभावित है. एयरपोर्ट पर शुरुआती चरण में दो रनवे बनाए जाएंगे और इस पर 2022 तक संचालन शुरू हो जाने की संभावना है. इस एयरपोर्ट की संभावित यात्री क्षमता सात करोड़ यात्री प्रति वर्ष और मालवहन की संभावित क्षमता 30 लाख टन प्रतिवर्ष है. Also Read - Joe Biden Oath Ceremony: कड़ी सुरक्षा के बीच आज अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे जो बाइडन, बनाएंगे यह रिकॉर्ड