लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दवा की दुकानों के लिए दैनिक आधार पर सर्दी-बुखार और खांसी की दवा खरीदने वाले सभी ग्राहकों के बारे में विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश से किसी भी ऐसे व्यक्ति का पता चल जाएगा, जिसमें अभी भी कोरोना वायरस (Corona Virus) के लक्षण होंगे और वह इस बात से अनभिज्ञ होगा. साथ ही इससे ऐसे व्यक्तियों का भी पता चल सकेगा, जो जानबूझकर संक्रमण को छिपाने का प्रयत्न कर रहे होंगे. Also Read - यूपी: कोरोना मरीजों के लिए एक लाख बेड तैयार, इतनी बड़ी तैयारी करने वाला देश का पहला राज्य

ड्रग लाइसेंसिंग एंड कंट्रोल अथॉरिटी के कमिश्नर द्वारा जारी आदेश में ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की वेबसाइट पर हर दिन शाम 5 बजे तक जानकारी अपडेट करेंगे. खरीदारों के नाम, पते और फोन नंबर सहित बुखार, खांसी और सर्दी से संबंधित लक्षणों की जानकारी सीधे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ई-लिंक पर भेजी जाएगी. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार के सभी प्रयासों के बावजूद बहुत सारे लोग अभी भी वायरस के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहे हैं और इसलिए यह कदम उठाए गए हैं. Also Read - लॉकडाउन बढ़ने की बात सुन महिला ने खाया ज़हर, ससुराल से मायके न जा पाने से थी परेशान

सूत्रों ने आगे कहा कि अपनी बीमारी की रिपोर्ट करने के बजाय ऐसे मरीज घरेलू उपचार करते हुए सर्दी-बुखार की दवाओं का सेवन करते हैं और अपने आसपास के लोगों के जीवन को भी जोखिम में डालते हैं. उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य मामलों की पहचान करना और संक्रमण को फेलने से रोकना है. Also Read - दिल्ली सरकार ने केंद्र से मांगे 5000 करोड़ रुपए, कहा- हमें खर्च के लिए ज़रूरत है