लखनऊ: कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार द्वारा कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को ले जाने के लिए मुहैया कराईं गई बसों के लिए 36 लाख रुपए से अधिक के बिल का उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को भुगतान कर दिया है. वहीं, इस मामले को लेकर सियासी दलों में एक-दूसरे पर हमले भी कर रहे हैं. Also Read - MP Govt का प्‍लेन रेमडेसिविर की खेप ले जाते वक्‍त ग्वालियर एयरपोर्ट में दुर्घटनाग्रस्‍त, पायलट- को-पायलट जख्‍मी

उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए 1,000 बसों के इंतजाम को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच गतिरोध के बीच राजस्थान सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को भेजने के लिए 36.36 लाख रुपए का बिल गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा था. Also Read - Complete Lockdown In India! थम नहीं रहा कोरोना का कहर, क्या संपूर्ण लॉकडाउन है विकल्प? सरकार ने भी दिये संकेत- क्या कहते हैं आंकड़े

हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने 36 लाख रुपए का बिल मांगे जाने की निंदा करते हुए कहा कि यह राजस्थान सरकार का अमानवीय चेहरा दर्शाता है. Also Read - Video: हवा में उड़ते ही निकला एयर एंबुलेंस का पहिया, फिर ऐसे हुई लैंडिंग; सभी सुरक्षित

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने बताया कि अप्रैल के मध्य में उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के कारण कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश के छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने का फैसला किया.

राज शेखर ने बताया कि यूपी रोडवेज की बसें उन्हें लाने के लिए लगाई गई, लेकिन हमें अतिरिक्त बसों की आवश्यकता थी. कोटा में उपलब्ध राजस्थान रोडवेज की बसों को छात्रों को आगरा और मथुरा छोड़ने के लिए लिया गया था. राजस्थान रोडवेज ने इसका बिल दिया, जिसका भुगतान उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कर दिया है.

अप्रैल में उत्तर प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राओं को कोटा से बसों के जरिए उनके घर पहुंचाया गया था. ये विद्यार्थी राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.