कानपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर (आईआईटी-के) ने एक अनूठी पहल के तहत हिन्दू धर्मग्रंथों की लिपिबद्ध एवं आडियो सेवा शुरू की है. आईआईटी-कानपुर में कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के प्रोफेसर टी.वी. प्रभाकर ने बताया कि श्रीमद् भगवद्गीता, श्रीराम चरित मानस, ब्रह्मा सूत्र, योग सूत्र, श्री राम मंगल दास तथा नारद भक्ति समेत नौ पवित्र ग्रंथों को आईआईटी ने अपने पोर्टल www.gitasupersite.iitk.ac.in. पर डाला है. यह सेवा शुरू करने वाला वह पहला इंजीनियरिंग संस्थान है. Also Read - सिगरेट, तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी, यूपी में ये नियम हुआ अनिवार्य

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पोर्टल पर वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड और बालक कांड को भी अपलोड किया गया है. उन्होंने बताया कि हालांकि इन पौराणिक ग्रंथों की मौलिक लिपि तो संस्कृत है लेकिन इसे असमी, बांग्ला, देवनागरी, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू तथा रोमन लिपियों में भी देखा जा सकता है. इसे अलावा विभिन्न श्लोकों का श्रव्य रूप भी पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है. Also Read - Politic: MP कांग्रेस के 'कूड़ा' वाले ट्वीट पर जितिन प्रसाद बोले, मैं कोई टिप्‍पणी नहीं करूंगा, छोटी मनासिकता वाले...

प्रभाकर ने बताया कि शुरू में संस्थान के पोर्टल देखने वालों की संख्या सैकड़ों में होती थी, लेकिन अब रोजाना 25 हजार से ज्यादा लोग इसे देख रहे हैं. इस कवायद का मकसद प्राचीन भारतीय ज्ञान को इंटरनेट रूपी आधुनिक मंच पर पेश करना है. हालांकि आईआईटी-के के इस प्रयास की आलोचना भी हो रही है और इसे हिन्दू धर्म के प्रचार से जोड़कर देखा जा रहा है. संस्थान के निदेशक महेन्द्र अग्रवाल ने हालांकि इन बातों को गलत करार दिया है.