लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने अवैध खनन को लेकर आईएएस बी. चंद्रकला के घर सहित कुल 14 जगहों पर छापेमारी की है. वहीं, सीबीआई के हवाले से बड़ी खबर दी जा रही है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी. सीबीआई का कहना है कि अखिलेश यादव सीएम होने के साथ ही 2012 से 2013 तक खनन मंत्री भी थे. इसके साथ ही 2012 से 2017 तक जो भी खनन मंत्री रहे, उनसे भी पूछताछ की जाएगी. अखिलेश यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उनकी पार्टी बहुजन समाज पार्टी से लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर सकती है.

बता दें कि अवैध खनन के मामले में आज सीबीआई की टीमों ने यूपी की राजधानी लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, जालौन, नोएडा सहित 12 जगह पर छापेमारी की है. इसमें लखनऊ स्थित हुसैनगंज में आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला का घर भी शामिल है. बताया जा रहा है कि उनके घर से कई दस्तावेज मिले हैं. दूसरी तरफ सीबीआई के टीम ने बीएसपी नेता सत्यदेव दीक्षित और सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के घर भी छापेमारी की है. इनपर अवैध खनन केस में शामिल होने का आरोप लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीमों ने घरों की काफी देर तक छापेमारी की है और कई दस्तावेज को जब्त किया है.

IAS बी. चंद्रकला के घर CBI का छापा, अवैध खनन में सपा-बसपा नेताओं के घर भी छापेमारी

बता दें कि सपा सरकार में आईएएस बी. चंद्रकला की पोस्टिंग हमीरपुर में हुई थी. उन पर जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग खनन का पट्टा करने का आरोप लगा था. इस मामले में सीबीआई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही है. फिलहाल वह डेप्यूटेशन पर हैं. बता दें कि सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहने वाली बी. चंद्रकला 2008 बैच की उत्तर प्रदेश काडर की आईएएस हैं. वह मूलरूप से तेलंगाना की रहने वाली हैं. साल 2017 में वह अपनी संपत्ति का ब्योरा देने में डिफॉल्टर साबित हुई थीं. सीबीआई ने इस कार्रवाई के बाद कहा है कि 2012-13 में अखिलेश यादव सीएम होने के साथ ही खनन मंत्रालय भी देख रहे थे. क्या अवैध खनन से उनका कोई संबंध है, इसे लेकर अखिलेश से भी पूछताछ की जा सकती है.