यूपी BJP चीफ ने आलाकमान को सौंपी 40 हजार कार्यकर्ताओं के फीडबैक की रिपोर्ट, जानें क्या रही हार की वजह 

लोकसभा चुनाव 2024 के चुनावी परिणामों ने बीजेपी को निराश कर दिया है. सबसे बड़ी हताशा बीजेपी को उत्तर प्रदेश के परिणामों से मिली है.  बीजेपी को उत्तर प्रदेश से उम्मीदें थी कि यहां वो 80 में से 80 सीटों पर जीत हासिल करेगी. लेकिन चुनाव परिणाम में बीजेपी को चौंकाकर रख दिया यहां बीजेपी को करीब आधी सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा. 

Published date india.com Updated: July 18, 2024 10:05 AM IST
यूपी BJP चीफ ने आलाकमान को सौंपी 40 हजार कार्यकर्ताओं के फीडबैक की रिपोर्ट, जानें क्या रही हार की वजह 

UP Politics: लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी उत्तर प्रदेश की 400 सीटों पर जीत का दावा कर रही थी. लेकिन चुनाव के नतीजों ने बीजेपी की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. सबसे बड़ा झटका बीजेपी को यूपी के नतीजों से लगा जहां बीजेपी 80 में से 80 सीटों पर अपनी जीत का दावा ठोक रही थी. यहां बीजेपी को लगभग आधी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है. यूपी में चुनावों में अपने खराब प्रर्दशन के बाद बीजेपी आलाकमान ने स्पेशल टीम का गठन किया गया था. जिससे की यूपी में बीजेपी के खराब प्रर्दशन के कारणों का पता लगाया जा सके. अब ये रिपोर्ट बनकर तैयार हो गई है, जिसमें पार्टी के करीब 40 हजार कार्यकर्ताओं का  फीडबैक लिया गया है.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने आलाकमान को यूपी में खराब प्रर्दशन को लेकर रिपोर्ट पेश की जिसमें यूपी में संतोषजनक प्रदर्शन ना होने के पीछे की कई वजहें बताई गईं. भूपेंद्र चौधरी की स्पेशल टीम ने यूपी की 80 सीटों पर पार्टी के 40 हजार कार्यकर्ताओं से फीडबैक के आधार पर इंटरनल रिपोर्ट तैयार की थी. इस रिपोर्ट को लेकर भूपेंद्र चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की.

बीजेपी के कितने वोट प्रतिशत में आई कमी?

इस रिपोर्ट के मुताबिक  यूपी के 6 क्षेत्रों पश्चिमी यूपी, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, गोरखपुर ब्रज, और काशी क्षेत्र में बीजेपी के वोट शेयर में लगभग 8 प्रतिशत की कमी आई है.  रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी का सबसे खराब प्रर्दशन पश्चिम और काशी क्षेत्र में रहा. यहां  बीजेपी को  28 सीटों में से केवल 8 सीटों पर जीत हासिल हुई. इसके अलावा यूपी के ब्रज में  13 में से 8 सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल हुई. गोरखपुर में  13 में से 6 सीटों पर जीत मिलीं, इसके अलावा अवध में 16 में से सिर्फ 7 सीटों पर जीत मिलीं.

क्या रहीं हार की वजह?

  • आपको बता दें कि स्पेशल टीम की तरफ से जो पहली रिपोर्ट पेश की गई थी उसमें साफ बताया गया था कि कि चुनावी मैदान में प्रत्याशियों के अत्याधिक उत्साह ने उन्हें लापरवाह बना दिया. जिसकी वजह से बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा.
  • विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दे जैसे आरक्षण समाप्ति और संविधान संशोधन के मुद्दों पर बीजेपी की जवाबदेही में कमी रही, जिसकी वजह से वोटर्स का मुड बदल गया.
  • बीजेपी के सांसदों और पदाधिकारियों के बीच तालमेल में कमी रही, इसका असर वोट बैंक पर दिखा.

    इसके अलावा बीते 6 साल में सरकारी नौकरियों के लीक हुए पेपर मामले भी बीजेपी की हार की वजह बने.

    राज्य सरकार में संविदा कर्मियों की भर्ती में सामान्य वर्ग के लोगों को प्राथमिकता मिली, इससे लोगों के मन में आरक्षण खत्म होने का डर सताने लगा.

    Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

    इसके अलावा राजपूत समाज भी बीजेपी से नाराज दिखा.

    अग्निवीर भी चुनाव का बड़ा मुद्दा बन गया. जिससे की वोट शेटर में कमी देखी गई.

    इसके अलावा यूपी में अधिकारियों और प्रशासन की मनमानी की वजह से कार्यकर्ताओं में असंतोष नजर आया.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.