Uttar pradesh, Unnao, Lates news:उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao)जिले के असोहा (Asoha) इलाके के बबुरहा गांव के बाहर बुधवार यानि 17 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली दो लड़कियों का आज शुक्रवार को सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया. जबकि एक लड़की का अस्‍पताल में इलाज चल रहा है. वहीं, जांच के लिए पहुंचे डॉग स्‍क्‍वाड और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी टीम Forensic Science Laboratory (FSL) ने घटनास्‍थल का निरीक्षण किया है.Also Read - UP Election 2022: कैराना में विधायक भाई नाहिद हसन के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी इकरा चौधरी

उन्नाव केस में डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने एसोहा में उस जगह का निरीक्षण किया, जहां 17 फरवरी को तीन लड़कियां बेसुध पड़ी मिली थीं. 17 फरवरी को अस्पताल में दो लड़कियों की मौत हो गई और आज उन्हें आराम करने के लिए रखा गया. जबकि, एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है. Also Read - RPN Singh के इस्तीफे पर कांग्रेस ने कहा- हमारी लड़ाई 'कायर' नहीं लड़ सकते

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खेत पर संदिग्‍ध हालत में मिली थीं तीन दलित किशोरी  
बता दें कि असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव में बुधवार शाम खेतों में घास लेने गई तीन दलित किशोरियों के खेत पर संदिग्‍ध अवस्‍था में मिलने के बाद इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां डॉक्‍टरों ने कोमल (15) और काजल (14) को मृत घोषित किया था, जबकि तीसरी लड़की रोशनी (16) की हालत गंभीर देखकर उन्‍नाव अस्‍पताल ले जाया गया और बाद में कानपुर रेफर कर दिया गया था. पुलिस ने बताया कि कानपुर के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.

सुबह लगभग 10 बजे दोनों किशोरियों की अंत्येष्टि कर दी गई
गुरुवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद दोनों किशोरियों के शवों को गांव लाया गया था, लेकिन प्रशासन के प्रयासों के बाद शवों की अंत्येष्टि नहीं हो पाई थी, शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे दोनों किशोरियों की अंत्येष्टि कर दी गई. इस दौरान पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर मौजूद थे. इसके अलावा मौके पर भारी पुलिस बलों को तैनात किया गया था.

अंत्येष्टि के समय भाजपा जिला अध्यक्ष  और विधायक थे
परिजनों की ओर से किसी भी तरह का कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाया गया है. किशोरियों की अंत्येष्टि के समय भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर रावत व स्थानीय विधायक अनिल सिंह मौजूद थे. विपक्षी दल से कोई भी राजनीतिक नेता अंतिम संस्कार के समय मौजूद नहीं था.

अवरोधक लगा कर लोगों को रोका जा रहा था
जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की थी और गांव के करीब एक किलोमीटर पहले से ही अवरोधक लगा कर लोगों को रोका जा रहा था. पुलिस क्षेत्राधिकारी और मजिस्ट्रेट लेवल के अधिकारी हर अवरोधकों पर पर लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे.

जिले के 6 पुलिस थानों के पुलिस बल लगातार अपनी नजर रखे थी
पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह, आयुक्त लखनऊ मंडल रंजन कुमार, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी के साथ जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी व जिले के 6 पुलिस थानों के पुलिस बल लगातार अपनी नजर बनाए थे.

अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून—व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया था कि परिजन की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

पीड़ित परिवार अपनी बेटियों की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहा है
क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने बताया था कि पीड़ित परिवार अपनी बेटियों की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहा है. हालांकि, परिजन किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लिहाजा उनकी तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्नाव के पुलिस अधीक्षक से दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट मांगी है.

इससे पहले यूपी के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने गुरुवार को कहा था कि दोनों लड़कियों के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया. उसकी रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और उनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं पाया गया है.