UP liquor News: बिहार और गुजरात समेत देश के कई राज्यों में शराब पर पाबंदी है. उधर नई आबकारी नीति बनाने के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को संकेत दिया कि वह राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं हैं. बहरहाल, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) के हित में सभी कदम उठाएगी.Also Read - UP Polls 2022: गोरखपुर से Yogi Adityanath के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं डॉक्टर Kafeel Khan

नई आबकारी नीति के अनुसार उत्‍तर प्रदेश में प्रति व्‍यक्ति या एक घर में महज 6 लीटर शराब ही रखी जा सकेगी. अगर इससे अधिक मात्रा में शराब रखनी है तो आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना होगा. मुख्‍यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि इस कदम से शराब की तस्‍करी पर रोक लगेगी और यह राज्‍य के हित में हैं. Also Read - RPN Singh Joins BJP: कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ घंटों के बाद BJP में शामिल हुए RPN सिंह

यह पूछे जाने पर कि क्‍या राज्‍य सरकार की उत्‍तर प्रदेश को शराब मुक्‍त बनाने की योजना है? उन्‍होंने कहा कि ‘हम जबरन कुछ नहीं कर सकते, लेकिन राज्‍य के हित के लिए जो भी होगा हम वह कदम उठाएंगे.’ उल्‍लेखनीय है कि पड़ोसी राज्‍य बिहार और गुजरात में भी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है. Also Read - UP चुनावों से पहले कांग्रेस को झटका, RPN सिंह ने छोड़ी पार्टी, BJP दफ्तर पहुंचे

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नई आबकारी नीति के तहत अगर आप अपने घर में तय सीमा से अधिक शराब रखते हैं तो आपको आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना होगा. यही नहीं इस लाइसेंस के लिए़ सालाना 12000 रुपये आपको यूपी सरकार को देना होगा. वहीं 51,000 रुपये आबकारी विभाग को सिक्योरिटी के रूप में देना होगा. बता दें कि अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ अधिक मात्रा में शराब रखने को लेकर कार्रवाई की जाएगी.

(इनपुट: भाषा)