लखनऊ: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सोमवार सुबह चेन्नई-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में हथियाबंद डकैतों ने कई यात्रियों से गहने व नकदी लूट लिए. डकैत गंगा-कावेरी एक्सप्रेस के डिब्बों में तड़के करीब 1.30 बजे घुस आए. ट्रेन पटना जा रही थी. हमले में एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हो गए.Also Read - बिना जोखिम वाले देशों से बेंगलुरु पहुंचने पर यात्रियों को औचक कोविड जांच से गुजरना होगा, जानिए क्यों

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एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि डकैतों ने रेल ट्रैक को अवरुद्ध कर दिया और ट्रेन के माणिकपुर रेलवे स्टेशन छोड़ने के बाद उसे रोक दिया. ट्रेन इलाहाबाद की तरफ बढ़ रही थी. उन्होंने कहा कि डकैत पनहाई रेलवे स्टेशन के पास रेलगाड़ी के दो डिब्बों में घुस गए और सो रहे यात्रियों को धमकाया और हमला किया. यात्रियों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, करीब एक दर्जन हथियारबंद लोग थे. उन्होंने दो शयनयान श्रेणी के बोगियों के कांच तोड़ दिए और बोगी के अंदर लोगों से मारपीट की. डकैतों का उत्पात एक घंटे से ज्यादा समय तक चला. किसी यात्री द्वारा 100 नंबर पर कॉल करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची.

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बबुली कोल गैंग का हाथ

जिला मजिस्ट्रेट व चित्रकूट के उपमहानिरीक्षक सहित दूसरे वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. तलाशी अभियान जारी है. एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा, अतिरिक्त एसपी बलवंत चौधरी की अगुवाई में इलाके की तलाशी की जा रही है. पुलिस को स्थानीय गैंग पर संदेह है. स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) को संदेह है कि लूट को डकैत बबुली कोल गैंग ने अंजाम दिया है. इस घटना के करीब दो घंटे के बाद ट्रेन को इलाहाबाद की तरफ जाने की अनुमति दी गई.

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गंगा-कावेरी एक्‍सप्रेस में लूट के दौरान सोते रहे जवान

गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी मानिकपुर और इलाहाबाद के दो-दो जवान चलते हैं. जिनके ऊपर ही यात्रियों की सुरक्षा का जिम्‍मा होता है. इन जवानों को यात्रा के समय सभी बोगियों में जायजा लेना होता है, लेकिन जिस समय गाड़ी में लूटपाट हो रही थी, उस समय जीआरपी के जवानों का कही अता-पता नहीं था. जबकि चैन पुलिंग के चलते ट्रेन बार-बार रूक रही थी, लेकिन जवान घटना के समय सोते रहे.

डकैतों ने कई बार चेन पुलिंग की

गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में लूटपाट के दौरान डकैतों ने करीब सात बार चेन पुलिंग की. ट्रेन के गार्ड पीके ओझा व असिस्टेंट ड्राइवर ने छह बार आकर चेन पुलिंग को आकर सही किया, लेकिन जब सातवीं बार फिर से चेन पुलिंग हुई तो गार्ड को पता चला कि ट्रेन में बदमाशों ने धावा बोल दिया है. गार्ड ने रेल प्रशासन को इसकी जानकारी देने का भी कोशिश की, लेकिन जंगल में होने के कारण वह सफल नहीं हो सका.