लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड रिज़ल्ट में सफलता हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को बधाई दी. वहीं, उन्होंने कहा कि असफल बच्चे निराश न हों. मेहनत करें. उन्हें आगे सफलता मिलेगी. बच्चे ऐसा कदम न उठाएं इसके लिए तरह-तरह की बातें बच्चों और उनके माता-पिता को बताई जा रही हैं, इसके बाद भी रिजल्ट में फेल होने वाले बच्चों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आने लगे हैं. Also Read - यूपी में जगह-जगह बम रखे होने की अफवाह, कई जिलों में धारा 144 लगाई गई, पुलिस सतर्क

Also Read - Mirzapur: Rasika Dugal बीना त्रिपाठी की जरूरतें ज्यादा नहीं थीं, लेकिन शादीशुदा होने के बावजूद Sexual Desire...

मऊ में 12वीं की स्टूडेंट ने खाई सल्फास की गोलियां, मौत Also Read - UP: Noida में एनकाउंटर में गोंडा के मेडिकल छात्र को ऐसे छुड़ाया, 70 लाख फिरौती की थी मांग

जानकारी के अनुसार, यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद मऊ जिले की 12वीं की एक स्टूडेंट अर्चना तिवारी फेल हो गई. मऊ के मधुबन थाना इलाके के काठतराव गांव की रहने वाली स्टूडेंट ने इसके बाद ज़हर खा लिया. इससे उसकी मौत हो गई. परिजनों के अनुसार उसका एक पेपर खराब हो गया था. वह टेंशन में थी. रिजल्ट आया तो वह उसमें फेल थी. उन्होंने अर्चना को काफी समझाया. इसके बाद भी उसने सल्फास की गोलियां खा ली. पास के ही अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

UP Board results: 10वीं की Topper अंजलि वर्मा ने बताया कामयाबी का राज

मिर्जापुर में 10 वीं की स्टूडेंट ने खाया जहर

दूसरा मामला मिर्जापुर का है. यहां के शुक्लपुरा गांव की रहने वाली 10 वीं की स्टूडेंट ने जहर खा लिया. वह फेल हो गई थी. जहर खाने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसका यहां इलाज किया जा रहा है.

बच्चे ऐसा न करें, इसलिए लगातार की जाती है अपील

ये पहला मौका नहीं है जब बच्चे इस तरह के कदम उठा रहे हों. रिजल्ट आने के बाद अक्सर ऐसी घटनाएं होती है. बच्चे हीभावना से ग्रस्त हो जाते हैं. उन्हें लगता है कि सब खत्म हो गया. और ऐसा कदम उठा लेते हैं. बच्चों को इस तरह की हीन भावना से बचाने के लिए कई तरह की कोशिशें की जाती रही हैं. सरकार उन्हें धैर्य और आगे कोशिश करने की अपील करती है. एक्सपर्ट्स पेरेंट्स को अपने बच्चों को रिजल्ट के बाद निराशा के दौर से निकालने के उपाय बताते हैं. इसके बाद भी बच्चे ऐसा कदम उठा लेते हैं.