लखनऊ: जल निगम भर्ती मामले सपा नेता आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है. स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने आज उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. इसके अलावा चार अन्य पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है. यूपी की योगी सरकार इस मामले में जांच करा रही थी. एसआईटी इस मामले की जांच कर रही थी.Also Read - Omicron के खतरे के बीच यूपी सरकार ने जारी किया विदेशी और घरेलू हवाई यात्र‍ियों के लिए प्रोटोकॉल

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अखिलेश ने कहा- साजिश के तहत आज़म खान को किया जा रहा बदनाम, अपने कारनामे देखे बीजेपी सरकार Also Read - Weather News Upadte: IMD का अलर्ट, कल रात से कहां होगी बर्फबारी, देश के किन राज्‍यों में होगी बारिश

2016 में की गई थी भर्तियां, ये है पूरा मामला

2016 में सहायक अभियंता के 122 पद, अवर अभियंता के 853 पद, नैतिक लिपिक के 335 पद और आशु लिपिक के 32 पदों पर भर्ती हुई थी. आजम खान समेत सभी आरोपियों पर आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए सभी पदों पर भर्तियां की गई थीं. सरकार में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसपी के कार्यकाल में हुई हर सरकारी विभाग की भर्तियों की जांच कराएंगे. जल निगम में हुई भर्तियों की जांच सितंबर 2017 में SIT को दी गई थी. इस मामले में अब तक पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह के बयान भी दर्ज हो चुके हैं. IAS एसपी सिंह अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं, आजम खान के ओएसडी रहे आफाक का भी बयान दर्ज किया जा चुका है.

आजम खांं की जांच पर अखिलेश की योगी सरकार को चेतावनी, जो बोओगे, वही काटना भी पड़ेगा

अखिलेश ने कहा था- जो बोओगे वही काटना पड़ेगा

इस मामले को लेकर यूपी में योगी सरकार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चेतावनी दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने आजम खान पर कार्रवाई को लेकर यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने योगी सरकार के लिए कहा था कि जो बोओगे, आगे वही काटना पड़ेगा. उन्होंने कहा था कि स्वच्छ, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष छवि के वरिष्ठ समाजवादी नेता आजम खान के लिए बीजेपी सरकार साजिश रच रही है. प्रदेश में बीजेपी सरकार बदले की भावना से विपक्ष का उत्पीड़न और उन्हें बदनाम करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा था कि जल निगम की भर्तियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है. यह सरकार नौकरियां नहीं दे रही है, उल्टे जो नौकरियां दी गईं, उन पर भी वह सवाल उठा रही है.