लखनऊ: गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज लखनऊ पहुंचे. यहां उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में ’21वीं सदी के भारत के विकास में युवाओं की भूमिका’ विषय पर हुई संगोष्टी में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति आजादी से पहले भी होती थी. भगवान राम, श्रीकृष्ण, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस ने भी राजनीति की थी. उनकी राजनीति में अंतर था. ये अंतर चरित्र और मूल्यों का था.

‘राजनीति जैसे हाथों में जाती है, वैसी ही बन जाती है’
यहां पहुंचे राजनाथ ने कहा कि भगवान राम ने रामराज्य के लिए राजनीति की थी. वहीं, श्रीकृष्ण ने धर्म की जीत के लिए राजनीति की थी. उन्होंने कहा कि अब राजनीति के प्रति धारणा बदल गई है. हालांकि राजनीति को झूठ धोखा देने वाली, पीठ में छुरा मारने वाली समझा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. राजनीति जैसे हाथों में जाती है, वैसी ही बन जाती है. राजनाथ ने कहा कि सही राजनीति, व्यवस्था को सही दिशा में ले जाती है. कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं का आह्वाहन करते हुए कहा कि उम्मीद है युवा इस देश को सही मार्ग पर ले जाने वाली राजनीति की ओर फिर से लौटेंगे.

देश को आगे बढ़ाएं युवा
राजनाथ ने कहा कि हर समय रोजगार और विकास की बात होती है, लेकिन नौजवान को इन चीज़ों तक ही सीमित नहीं करना है. युवा सिर्फ रोजगार का उपकरण नहीं है. उसकी भूमिका राष्ट्र निर्माण की भी होनी चाहिए. युवाओं को चाहिए कि वह देश की संस्कृति व परम्परा को आगे बढ़ाएं. इस देश में 80-85 करोड़ जनसंख्या युवाओं की है. युवा आगे बढ़ें, तभी देश आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. युवा इसे औए आगे ले जा सकते हैं. तभी देश विश्व गुरु बनेगा.