लखनऊ: यूपी एटीएस द्वारा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से पकड़े गए आईएसआई एजेंट रमेश सिंह कन्याल ने बड़ा खुलासा किया है. पूछताछ के दौरान आईएसआई एजेंट रमेश ने खुलासा किया है कि बरेली कैंटोनमेंट की रेकी करने को कहा गया था. उसे कहा गया था कि वह कैंटोनमेंट के बड़े अधिकारियों की जासूसी करे. इसके लिए रमेश को अधिकारियों के यहां बतौर नौकर या ड्राइवर काम करने का आदेश दिया गया था, लेकिन इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया. रमेश को 22 मई को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया गया था. उसे डीडीहाट सेशन कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाया गया. आरोपी मई 2015 से सितंबर 2017 तक पाकिस्तान में रहा था.

यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आईएसआई एजेंट रमेश सिंह को बरेली कैंटोनमेंट की रेकी करने को कहा गया था. इस काम के लिए रमेश ने कैंटोनमेंट की रेकी भी कर ली थी. यूपी एटीएस के आईजी ने बताया कि रमेश कई बार बरेली के कैंटोनमेंट रेकी करने पहुंचा था. उसे आईएसआई ने अधिकारियों की लिस्ट दी थी, जिसमें उसे कहा गया था इन अधिकारियों के यहां वह ड्राइवर या फिर हेल्पर बन कर काम पर लग जाए और जासूसी करे.

दो साल तक पाकिस्तान में रहा था रमेश
रमेश पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में नियुक्त एक अधिकारी के साथ घरेलू कार्य के लिए इस्लामाबाद गया था. वहां वो भारतीय सेना के अफसर के साथ 2 साल से ज्यादा वक्त तक रहा. इस दौरान वह आईएसआई के लिए सेना के अफसर की जासूसी करता रहा. रमेश जब भी भारत आता था तो डॉलर के रूप में बड़ी रकम लेकर आता था. भारत आने पर वह दिल्ली में बैंकों से डॉलर को रुपए में बदलता था.