लखनऊ: सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है. आजम ने खंडपीठ में याचिका दायर की है. आजम ने उनके खिलाफ जल निगम में अनियमितता मामले में एसआईटी द्वारा दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की है. कोर्ट ने आजम की याचिका मंजूर कर ली है. मामले की सुनवाई 18 मई को होगी. जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय व जस्टिस रजनीश कुमार ने याचिका मंजूर करते हुए 18 मई को अगली सुनवाई तय की है. Also Read - चचेरी बहन के साथ लिव-इन में रह रहा युवक करना चाहता है शादी, हाईकोर्ट ने याचिका पर दिया ये निर्देश

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जल निगम भर्ती मामला: आजम खान के खिलाफ FIR, अखिलेश ने योगी सरकार के लिए कहा था- जो बोओगो वही काटना पड़ेगा Also Read - दिल्ली में कोरोना से बुरा हाल: मृतकों से भरे श्मशान, रात भर जलती हैं चिताएं, स्थिति डराने वाली

2016 में की गई थी भर्तियां, ये है पूरा मामला

2016 में सहायक अभियंता के 122 पद, अवर अभियंता के 853 पद, नैतिक लिपिक के 335 पद और आशु लिपिक के 32 पदों पर भर्ती हुई थी. आजम खान समेत सभी आरोपियों पर आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए सभी पदों पर भर्तियां की गई थीं. सरकार में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसपी के कार्यकाल में हुई हर सरकारी विभाग की भर्तियों की जांच कराएंगे. जल निगम में हुई भर्तियों की जांच सितंबर 2017 में SIT को दी गई थी. इस मामले में अब तक पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह के बयान भी दर्ज हो चुके हैं. IAS एसपी सिंह अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं, आजम खान के ओएसडी रहे आफाक का भी बयान दर्ज किया जा चुका है.

आजम खांं की जांच पर अखिलेश की योगी सरकार को चेतावनी, जो बोओगे, वही काटना भी पड़ेगा

अखिलेश ने कहा था- जो बोओगे वही काटना पड़ेगा

इस मामले को लेकर यूपी में योगी सरकार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चेतावनी दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने आजम खान पर कार्रवाई को लेकर यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने योगी सरकार के लिए कहा था कि जो बोओगे, आगे वही काटना पड़ेगा. उन्होंने कहा था कि स्वच्छ, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष छवि के वरिष्ठ समाजवादी नेता आजम खान के लिए बीजेपी सरकार साजिश रच रही है. प्रदेश में बीजेपी सरकार बदले की भावना से विपक्ष का उत्पीड़न और उन्हें बदनाम करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा था कि जल निगम की भर्तियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है. यह सरकार नौकरियां नहीं दे रही है, उल्टे जो नौकरियां दी गईं, उन पर भी वह सवाल उठा रही है.