लखनऊ: जल निगम भर्ती मामले सपा नेता आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है. स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने आज लखनऊ में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. इसके अलावा चार अन्य पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है. यूपी की योगी सरकार इस मामले में जांच करा रही थी. एसआईटी इस मामले की जांच कर रही थी. एसआईटी ने योगी सरकार से मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी. हरी झंडी मिलते ही आजम खान, उनके ओएसडी अफाक, पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह, जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आसूदानी और चीफ इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया. मुकदमा जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.Also Read - Omicron वेरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश के इस शहर में धारा 144 लागू, जानें क्या-क्या रहेगी पाबंदी

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‘मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया’

भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद आजम खान ने कहा कि ‘मैंने सभी लोगों को नौकरी दी है. मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है. उन लोगों ने झूठ बोला है, उन्हें सभी के सामने सच बोलना चाहिए. अगर सरकार का मकसद ही हमें परेशान करना है तो तब कोई बात नहीं, अन्यथा मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है.

ये है मामला, 1300 पदों पर हुई थी भर्तियां

अखिलेश सरकार में आजम खान जल निगम विभाग के मंत्री थे. उस दौरान उनके विभाग में 1300 पदों पर भर्तियां हुई थीं. इन भर्तियों में आजम खान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. अपनी रिपोर्ट में SIT ने कहा है कि आजम खान के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों के पर्याप्त सबूत हैं. SIT इंचार्ज आलोक प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभियोग चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. बहुत जल्द आगे की कार्रवाई होगी.

अब तक हुई है ये कार्रवाई

इस मामले में अब तक 122 असिस्टेंट इंजीनियर को सरकार बर्खास्त कर चुकी है. इससे पहले 22 सितंबर 2017 को एसआईटी ने जल निगम के हेडक्वार्टर पर छापा मारा था. SIT ने तत्कालीन एमडी पीके आसूदानी से पूछताछ की थी. इस मामले में अब तक 8 अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं.

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इन पदों पर हुई थी भर्तियां

सहायक अभियंता के 122 पद, अवर अभियंता के 853 पद, नैतिक लिपिक के 335 पद और आशु लिपिक के 32 पदों पर भर्ती हुई थी. आजम खान समेत सभी आरोपियों पर आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए सभी पदों पर भर्तियां की गई थीं. सरकार में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसपी के कार्यकाल में हुई हर सरकारी विभाग की भर्तियों की जांच कराएंगे. जल निगम में हुई भर्तियों की जांच सितंबर 2017 में SIT को दी गई थी. इस मामले में अब तक पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह के बयान भी दर्ज हो चुके हैं. IAS एसपी सिंह अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं, आजम खान के ओएसडी रहे आफाक का भी बयान दर्ज किया जा चुका है.