आगरा: उत्तर प्रदेश में आए तूफ़ान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. अब तक सिर्फ आगरा में ही करीब 50 लोगों के मरने खबर है. सीएम योगी आदित्यनाथ को कर्नाटक दौरा छोड़ वापस आना पड़ा. वह आज तूफ़ान प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. लोगों को ही नहीं बल्कि ताकतवर तूफ़ान ने ताज महल को भी प्रभावित किया है. खबर और सामने आ रही तस्वीरों के अनुसार इस बार का ये तूफ़ान ताज बर्दाश्त नहीं कर सका है. ताज महल के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है. Also Read - Driving License Latest Update: अब चुटकियों में बन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, बदल गए हैं नियम, जानिए

मुख्य मीनार की खिड़की टूटी
तूफ़ान 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आया. इससे ताजमहल के मुख्य मीनार की खिड़की टूट गई. इतिहास के जानकारों के अनुसार 368 सालों बाद कुदरती कहर से ताज के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचा है. अप्रैल 2015 में आए भूकंप में भी इसे नुकसान नहीं हुआ था. Also Read - शर्मनाक: नशे में धुत बड़े भाई ने शादीशुदा बहन के साथ किया Rape, वीडियो भी बनाया

Taj Mahal

ताज महल. फाइल फोटो

लोहे के पाइप टूट कर गिरे
ताजमहल के मुख्य मीनार की खिड़की के साथ ही रॉयल गेट की मरम्मत के लिए लगाए गए लोहे के पाइप भी टूट कर गिर गए. गनीगत की बात ये रही कि यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली. तेज हवा से ताजमहल के मुख्य मीनार की टूटी खिड़की की फोटो वायरल हो रही है. आपको बता दें कि 11 अप्रैल को भी आए तूफान में ताजमहल के एंट्री गेट पर बने दो गुलदस्ता पिलर धाराशाई हो गए थे. Also Read - UP: घर से लड़की के लापता होते ही आया था फोन- वीडियो कर देंगे वायरल, फ‍ि‍र रेलवे पटरी के पास मिली लाश

फतेहपुर सीकरी को भी पहुंचा नुकसान
ताज महल के साथ ही फतेहपुर सीकरी के ऐतिहासिक स्मारक भी नुकसान से बच नहीं पाए हैं. फतेहपुर सीकरी में स्थित सलीम चिश्ती के बादशाही दरवाजे के बरामदे का छज्जा टूट कर गिर गया. शेख हजरत सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में बादशाही दरवाजे के बरामदे की भीतरी ओर बुर्जी का छज्जा टूट कर गिर पड़ा. आपको बता दें बीते सालों में कई बार तूफान और भूंकप आया है, लेकिन स्मारकों को कभी भी नुकसान नहीं पहुंचा था.

तूफ़ान से फतेहपुर सीकरी को भी नुकसान पहुंचा.

तूफ़ान से फतेहपुर सीकरी को भी नुकसान पहुंचा.

रंग महल के ऊपर हिस्से के पत्थर गिरे
रंग महल के ऊपरी हिस्से के पत्थर गिर गए हैं. हवा का रुख मीनार की ओर होने के कारण इसे ज्यादा नुकसान हुआ. इस बारे में एएसआई अफसरों ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. करीब 90 मिनट तक आंधी, बारिश और ओलों की मार के कारण सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग गिर पड़े, जबकि देहात में कई मकानों की छत उड़ गई.