लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में किस तरह से तनाव और बिना आराम के परिवार से दूर रहकर काम किया जाता है, इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. एक सिपाही ने लगातार काम से छुट्टी नहीं मिलने से परेशान होकर अपने अधिकारियों को जो पत्र लिखा है, वह हालात बताने के लिए काफी है. लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही ने लिखा कि अगर उसे अब छुट्टी नहीं दी गई तो उसकी पत्नी छोड़ कर चली जाएगी. उसका परिवार तबाह हो जाएगा. सिपाही के मुताबिक ‘पत्नी कह चुकी है कि जब समय नहीं था, तो उससे शादी क्यों की. अगर घर नहीं आए तो वह छोड़ कर चली जाएगी. आना तो 10 दिन की छुट्टी लेकर ही आना.’Also Read - Delhi CM अरविंद केजरीवाल राम लला के दर्शन के लिए जाएंगे अयोध्‍या

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कुछ समय पहले हुई थी शादी, पत्नी ने दिया अल्टीमेटम Also Read - UP Government New Scheme: अब सीधे अभिभावकों के खाते में पैसे भेजेगी यूपी सरकार, जानिए क्या है छात्रों के लिए नई स्कीम

रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में सिपाही धर्मेंद्र यादव तैनात है. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी शादी हुई थी. इसके बाद वह ड्यूटी के लिए आ गया. कुछ समय बीतने के बाद उसने घर जाने की इच्छा जताते हुए छुट्टी मांगी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई. धर्मेंद्र के अनुसार ड्यूटी करते हुए चार माह हो गए. उसने बार बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन हर बार ड्यूटी का हवाला दिया जाता रहा. चार माह से अधिक समय बीत जाने पर घर नहीं पहुंच पाया. इसके बाद उसकी पत्नी ने भी उसे अल्टीमेटम दे दिया.

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लिखा- विषम परिस्थिति है, दी जाए छुट्टी

सिपाही ने अपने अधिकारियों को पत्र लिखा. सिपाही के अनुसार ‘पत्नी ने उससे कहा कि जब समय नहीं था, तो उससे शादी ही क्यों की थी. अगर 10 के लिए घर नहीं आए तो मत आना. सिपाही ने लिखा कि पत्नी से मिलना चाहता हूं. अगर घर नहीं पहुंचा तो पत्नी उसे छोड़ भी सकती है. मैं मानसिक रूप से बेहद परेशान हूं और अब घर जाना चाहता हूं. इसलिए विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे 10 दिन का अवकाश प्रदान किया जाए.’

पत्र के बाद हरकत में आए अधिकारी

सिपाही के पत्र के बाद अधिकारी हरकत में आए. उसे तत्काल अवकाश दिया गया. आरआई राना महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सिपाही को तुरंत ही अवकाश देकर घर भेज दिया गया है. इस तरह की स्थिति का ये पहला मौका नहीं है. पुलिस महकमे में सिपाही स्तर के कर्मचारी छुट्टी की गुहार लगाते रहते हैं, लेकिन उन्हें अवकाश नहीं मिलता है. यही वजह है कि ये मानसिक रूप से तनाव में आ जाते हैं.