मुजफ्फरनगर: महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने के बाद एक गर्भवती महिला ने रैन बसेरे में बच्चे को जन्म दिया. उसके परिवार का आरोप लगाया कि वह महिला को अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसे भर्ती करने से मना कर दिया. महिला को मजबूरन रैन बसेरे में लिटाना पड़ा, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया. वहीं, अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक ने इस आरोप से इनकार किया है. Also Read - UP: Noida में एनकाउंटर में गोंडा के मेडिकल छात्र को ऐसे छुड़ाया, 70 लाख फिरौती की थी मांग

घटना रविवार 29 अप्रैल की है. यूपी के मुजफ्फरनगर में काजल नाम की महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद उसका पति उसे जिला महिला अस्पताल लाया, लेकिन महिला को भर्ती नहीं किया गया. पति के अनुसार वह परेशान हुआ. पत्नी को रैन बसेरे में लिटाना पड़ा. उसे तेज़ प्रसव पीड़ा हुई. इसके बाद यहीं बच्चे का जन्म हुआ. Also Read - महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद अब यूपी में ईंट से पीट कर पुजारी की निर्मम हत्या, घटना स्थल की फारेंसिक जांज शुरू

बच्चे के जन्म के बाद किया भर्ती
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिता गर्ग ने दावा किया कि महिला को भर्ती करने से मना नहीं किया गया था, बल्कि उसकी हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज जाने को कहा गया था. उन्होंने बताया कि महिला के परिजनों ने इस बात पर गौर नहीं किया और इसके बजाय वे महिला को रैन बसेरा ले गए. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने रैन बसेरे में बच्चे के जन्म के बाद चिकित्सा सहायता मुहैया करवाई. Also Read - अनाज भंडारण के लिए राज्य में 5 हजार गोदाम बनाएगी योगी सरकार