नई दिल्‍ली: प्रवासी मजदूर को वापस लाने के लिए 1000 बसें चलाने के कांग्रेस के प्रस्ताव को लेकर सियासी जंग लगातार जारी है. मंगलवार को इस सियासी लड़ाई में अब एक और अचानक मोड़ आ गया है. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की कैबिनेट एक मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के 1000 बसों की लिस्‍ट में कई 2-पहिया, ऑटो और माल वाहक वाहन हैं. उन्‍होंने कहा कि सोनिया गांधी जवाब दें कि वे अपराध क्‍यों कर रहे हैं. वहीं, यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू ने कहा है कि यूपी सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है, वे इरादतन राजनीति के लिए फेक नंबर बना रहे हैं. Also Read - लॉकडाउन के बीच हार्दिक पांड्या ने दी पत्नी नताशा की प्रेग्नेंसी की खबर; फैंस ने दी बधाई

यूपी सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, हमने प्रारंभिक जांच की है और यह सामने आया है कि जिन बसों के लिए उन्होंने विवरण भेजा था, उनमें से कई 2-पहिया, ऑटो और माल वाहक बन रही हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए कि वे इस धोखाधड़ी को क्यों कर रहे हैं.

मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के बयान के जवाब में प्रियंका गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्‍व के बचाव में सामने आए यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्‍लू ने कहा, ”सरकार लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, वे जानबूझकर राजनीति करने के लिए नकली नंबर बना रहे हैं. हमने बसों के जो नंबर दिए हैं, हम इसे सार्वजनिक कर सकते हैं, आप इसे सत्यापित कर सकते हैं.

प्रवासियों के लिए बसों के मामले पर उप्र सरकार ने राजनीति की : प्रियंका वाड्रा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि पार्टी प्रवासी मजदूरों को राज्य में वापस लाने के लिए जो एक हजार बसें चलाना चाहती थी, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने आज सुबह लखनऊ भेजने की मांग की थी जो साफ दर्शाता है कि योगी सरकार का यह कदम राजनीति से प्रेरित था. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उप्र सरकार प्रवासी मजदूरों की मदद नहीं करना चाहती थी.

वाकयुद्ध के बीच योगी सरकार 1000 बसें वाले कांग्रेस के प्रस्ताव को स्वीकारा था
उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को मजदूर प्रवासियों को वापस लाने के लिए 1000 बसें चलाने के कांग्रेस के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था. कांग्रेस के इस प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों के बीच वाकयुद्ध की सी स्थिति बन गई थी.

यूपी सकार ने 1000 बसों के दस्‍तावेज मांगे थे
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह को भेजा था, जिसमें 1000 बसें सभी दस्तावेजों के साथ लखनऊ में मंगलवार सुबह 10 बजे सौंपने को कहा था.

प्रियंका गांधी के निजी सचिव ने बताया था अमानवीय और गरीब विरोधी मानसिकता
प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने इसके जवाब में एक पत्र में कहा, ऐसी स्थिति में जब हजारों मजदूर सड़कों पर पैदल चल रहे हैं और हजारों लोग उत्तर प्रदेश सीमा पर विभिन्न पंजीकरण केंद्रों पर इकट्ठे हो गए हैं, 1000 बसों को खाली लखनऊ भेजना समय और संसाधान की बर्बादी, अमानवीय और गरीब विरोधी मानसिकता है.”

ईमेल मिलने के थोड़ी देर बाद ही 1000 बसों का ब्यौरा दिया
पत्र में संदीप सिंह ने कहा, ”आपकी सरकार की यह मांग राजनीति से प्रेरित लगती है. ऐसा नहीं लगता कि आपकी सरकार हमारे मजूदर भाइयों-बहनों की मदद करना चाहती है, जो एक आपदा का सामना कर रहे हैं.” पत्र में कहा, ”16 मई को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गाजियाबाद में गाजीपुर सीमा से 500 बसें और नोएडा सीमा से 500 बसें चलाने की अनुमति मांगी थी ताकि फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचने में मदद कर सकें. इस संबंध में 18 मई शाम चार बजकर एक मिनट पर मुझे एक पत्र मिला और 1000 बसों की सूची, उनके चालक और कंडक्टर का ब्यौरा मांगा गया. इसे ईमेल मिलने के थोड़ी देर बाद ही मुहैया करा दिया गया था.”

जिलाधिकारी गाजियाबाद को 500 बसें देने के लिए यूपी शासन ने कहा
उधर, अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने मंगलवार सुबह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव को भेजे गये पत्र में कहा, ‘आपके पत्र के अनुसार आप लखनऊ में बस देने में असमर्थ हैं एवं नोएडा,गाजियाबाद बार्डर पर ही बस देना चाहते हैं. अत: ऐसी स्थिति में कृपया जिलाधिकारी गाजियाबाद को 500 बसें 12 बजे तक उपलब्ध कराने का कष्ट करें. जिलाधिकारी गाजियाबाद को तदअनुसार निर्देशित किया गया है . गाजियाबाद में जिला प्रशासन द्वारा सभी बसों को रिसीव किया जायेगा एवं उनका उपयोग किया जाएगा. कृपया गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे एवं साहिबाबाद बस अड्डे में बसें उपलब्ध कराने का कष्ट करें.’

बसें गाजियाबाद और नोएडा बार्डर पर शाम पांच बजे पहुंचाई जाएंगी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सचिव ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कुछ बसें राजस्थान से आ रही हैं और कुछ दिल्ली से. इसलिए यह बसें गाजियाबाद और नोएडा बार्डर पर शाम पांच बजे पहुंचाई जाएंगी. गौरतलब है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा था कि वह प्रवासी श्रमिकों को राज्य में पहुंचाने के लिए एक हजार बसें पार्टी के खर्चे पर चलवाना चाहती हैं और प्रदेश सरकार इसकी अनुमति दे.

प्र‍ियंका ने योगी सरकार का धन्यवाद किया था
पार्टी ने इसके बाद भाजपा की प्रदेश सरकार पर उसके इस प्रस्ताव की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. मंजूरी मिलने के कुछ देर बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट के जरिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का धन्यवाद किया था. प्रियंका गांधी ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘ उत्तर प्रदेश में सड़कों पर हजारों भाई बहन पैदल चले जा रहे हैं . उनकी मदद के लिए कांग्रेस को अपने खर्चे पर एक हजार बसें चलाने की हमें अनुमति देने के लिए आपका धन्यवाद.” उन्होंने कहा था कि इस मुश्किल समय में कांग्रेस इन लोगों के साथ खड़ी है.

मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया था
इससे पूर्व सोमवार को एक टेलीविजन इंटरव्यू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वह प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर राजनीति कर रही है. सिंह ने मंगलवार को लिखे अपने पत्र में मुख्यमंत्री की इस बात पर हैरानी जतायी कि प्रदेश सरकार पिछले तीन दिनों से बसों का ब्यौरा मांग रही है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में उप्र सरकार का पत्र मिलने के तत्काल बाद ब्यौरा उपलब्ध करा दिया गया था. (इनपुुुट: एजेेंसी)