योगी सरकार का बड़ा कदम: 'मिशन कर्मयोगी' के तहत सभी ट्रेनिंग सेंटर्स होंगे सशक्त, CM बोले- कैपेसिटी बिल्डिंग जरूरी

सीएम योगी के मिशन कर्मयोगी के तहत IGOT प्लेटफॉर्म से कर्मचारियों का प्रशिक्षण और जनसेवा दक्षता सुधार हो रहा है. मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास और डिजिटल क्षमता बढ़ाने की पूरी जानकारी दी.

Published date india.com Published: January 6, 2026 11:59 PM IST
योगी सरकार का बड़ा कदम: 'मिशन कर्मयोगी' के तहत सभी ट्रेनिंग सेंटर्स होंगे सशक्त, CM बोले- कैपेसिटी बिल्डिंग जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में मिशन कर्मयोगी के तहत प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं की समीक्षा की. इस बैठक में प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिरता और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने सीएम योगी को उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन की रिपोर्ट दी. सीएम योगी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी सोच का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के लोकाचार में मानव संसाधनों को सक्षम बनाना है.

डिजिटल प्लेटफॉर्म IGOT का महत्व

बैठक के दौरान, सीएम योगी को बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत IGOT (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं. इस प्लेटफॉर्म पर कुल 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें 840 पाठ्यक्रम हिंदी में और 540 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में हैं. IGOT ऐप को अब तक 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभागों और सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें और सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण को अनिवार्य करें.

प्रशिक्षण की गुणवत्ता

सीएम योगी ने बैठक में जोर दिया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, मापनीयता और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए. उनका मानना है कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका असर सीधे जनसेवा और प्रशासनिक दक्षता पर दिखना चाहिए. इसलिए प्रत्येक विभाग और संस्था को अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करना अनिवार्य किया गया है. साथ ही, प्रशिक्षण को कर्मचारियों के प्रमोशन और एसीआर से भी जोड़ा जाएगा.

AI और साइबर सुरक्षा

उन्होंने कहा कि सभी विभागों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अब AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए. इससे न केवल कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी बल्कि शासन प्रणाली अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनेगी. IGOT के अमृत ज्ञान कोश में विभिन्न विभागों की बेस्ट प्रैक्टिस उपलब्ध हैं, जिन्हें सभी विभाग अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने नई सोच और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया.

मिशन कर्मयोगी से प्रदेश का मॉडल बनना

उत्तर प्रदेश अब मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है. 18.8 लाख से अधिक कर्मियों ने IGOT प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जो 2025 में पूरे देश में हुई ऑनबोर्डिंग का 93% है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए समयानुसार कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम तैयार करें, ताकि कर्मचारियों की दक्षता और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़े. मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को सशक्त बनाना है.

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