देवरिया: जनपद में रिश्तों को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज वाकया सामने आया है यहां सगे मौसा-मौसी अपनी ही भांजी का सौदा तीन लाख रुपयों में कर डाला. मामला जनपद के थाना खुखुंद क्षेत्र का है. पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी के मौसा-मौसी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है. Also Read - किसानों को गुलाम बनाने वाले कानून से भाजपा के खिलाफ बना जन आंदोलन, ये भारी पड़ेगा : अखिलेश यादव

थाना खुखुंदू पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि गिरजेश चौहान की पत्नी गुलइची देवी ने तहरीर दी थी कि 24 जून को उनकी बेटी को तीन लाख रुपए में उनकी बहन और उसके पति ने मिलकर बेच दिया है. उनकी बेटी की उम्र 15 वर्ष है. वह सदर कोतवाली के मुहल्ला खोराराम निवासी महेश चौहान के घर शादी समारोह में शामिल होने गई थी. वहीं मौसा-मौसी और गांव के दो अन्य ने मिलकर किशोरी का सौदा तीन लाख रुपए में कर दिया. Also Read - बिहार में सीट बंटवारे को लेकर RJD ने कांग्रेस से की अपील, कहा- ज़िद छोड़ें, नुकसान हो जाएगा

पुलिस के मुताबिक खुखुन्दू थाना क्षेत्र के बीरजापुर झंगटौर गांव की रहने वाली गुलाईची देवी का कहना है कि उनकी बेटी पूजा को पिछले दिनों खोराराम का रहने वाला उसका बहनाई शादी में काम करने के लिए ले गया था. गुलईची देवी का आरोप है कि वह बेटी से मिलने जब अपनी बहन के घर गई तो वह वहां नहीं थी. इस पर उसने बहन और बहनोई से पूजा के बारे में पूछा तो उन लोगों ने रिश्तेदारी में जाने की बात कही. Also Read - कोरोना संकट: महाराष्ट्र में कैसे मनाए जाएंगे नवरात्रि और दशहरा? सरकार ने जारी किए दिशानिर्देश

लेकिन 24 जून को गिरजेश के मोबाइल पर एक फोन आया जिस पर उनकी बेटी पूजा ने स्वंय के बेचे जाने की बात कही. इसके बाद से उस मोबाइल पर काल नहीं लगी. उन्होंने बताया कि शनिवार रात को पूजा ने फिर से फोन कर मौसा मौसी द्वारा खुद को तीन लाख रुपये में बेचने व सहारनपुर में होने की जानकारी पिता को दी. जिसके बाद आनन फानन में गुलईची ने अपने पति गिरिजेश के साथ रविवार की सुबह सदर कोतवाली में पहुंचकर कोतवाल से बेटी को बचाने की गुहार लगाई.

पीड़िता की मां ने घटना की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी. सदर कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी मौसा-मौसी महेश चौहान, अमरावती और गांव के ही जयराम चौहान, विद्यावती देवी, सहारनपुर जिले के देवबंद के गोपाली के रवींद्र चौहान, प्रमिला और हरिद्वार (उत्तराखंड) के विनोद के खिलाफ अपहरण, मारपीट, दुष्कर्म, आपराधिक षड्यंत्र और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कोतवाल प्रभातेष श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.