उत्तर प्रदेश में भले ठंड का मौसम क्यों न हो लेकिन अखिलेश बनाम मुलायम की जंग ने पुरे यूपी को गरमा दिया है। अब यह झगड़ा अपने चरम पर पहुंच चूका है और समाजवादी पार्टी पूरी तरह से टूट की कगार पर है। लेकिन इस लड़ाई में अब एक नया मोड़ आ गया है अब पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल पर मुलायम सिंह और उनके बेटे दोनों दावा कर रहे हैं। यह मसला अब इनता गंभीर हो चूका है की यह मामला चुनाव आयोग पहुंच रहा है। Also Read - UP: मेडिकल छात्र को आई लड़की की कॉल, मिलने गया तो हुआ अपहरण, डॉक्‍टर प‍िता से 70 लाख फिरौती मांगी

मुलायम सिंह यादव और बेटे अखिलेश यादव दोनों ही गुट साइकिल चुनाव चिह्न को हथियाने पर लगे हैं और उसे लेकर दोनों पक्ष आज चुनाव आयोग में अपना दावा पेश कर सकते हैं। अगर दोनों लोग चुनाव चिन्ह को लेकर मांग करते हैं तो ऐसे में चुनाव आयोग में एक निर्धारित प्रक्रिया है, आयोग ये देखेगा कि कार्यकारिणी के कितने सदस्य या विधायक, सांसद और पार्टी के कितने उम्मीदवार किसके साथ हैं। उसके बाद फैसला दिया जा सकता है। यह भी पढ़ें: अखिलेश राष्ट्रीय अध्यक्ष, नरेश उत्तम प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए, अब मुलायम ने बुलाया राष्ट्रीय अधिवेशन Also Read - UP: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शादीशुदा का दूसरे से रिश्‍ता अपराध है, यह ‘लिव इन रिलेशन’ भी नहीं

साइकिल की सवारी करने के बाद ही मुलायम सिंह यादव एक विधायक से सीएम तक का सफर करने में कामयाब रहें हैं। तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश के लिए भी सायकिल बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार सायकिल की सवारी करने के बाद सीएम बन गए थे। लेकिन अब बाप और बेटे में इस चिन्ह को लेकर जंग छिड़ गया है। मतलब साफ है कि झगड़ा इस कदर बढ़ चुका है कि सुलह के रास्ते बंद नजर आ रहे हैं। मुलायम ने साथ ही पत्र जारी कर आगामी पांच जनवरी को पार्टी का आपात राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था लेकिन लड़ाई के चलते उसे अब रद्द कर दिया है। अब इस झगड़े पर सभी विरोधी पार्टियों की नजर है। Also Read - यूपी के मंत्री का विवादित बयान, ममता बनर्जी को बताया 'इस्लामिक आतंकवादी'