प्रतापगढ़: बाहुबली निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता कुंवर उदय प्रताप सिंह को शुक्रवार को मुहर्रम के मौके पर भंडारे के आयोजन पर रोक लगाकर उनके किले में नजरबंद कर दिया गया. Also Read - #Muharram 2018: यूपी के महराजगंज में ताजिया रखने को लेकर दो गुट भिड़े, सुरक्षा बल तैनात

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अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) शिवजी शुक्ल ने बताया कि कुण्डा क्षेत्र के शेखपुर आशिक गांव से शुक्रवार को मुहर्रम का जुलूस गुजरना है. राजा भैया के पिता कुंवर उदय प्रताप सिंह ने इसी गांव के हनुमान मंदिर में मुहर्रम के दिन ही भंडारा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनायी थी. Also Read - Muharram 2018: मुहर्रम 2018 WhatsApp Status, Quotes, Facebook Messages, SMSes, Images और DP

अखिलेश यादव बोले-राजा भैया के बारे में कुछ नहीं कहना, हमें नहीं लगता कि वह हमारे साथ हैं

उन्होंने बताया कि ऐन मुहर्रम के दिन इस नयी परम्परा के तहत भंडारा किये जाने से माहौल खराब होने की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इस आयोजन पर रोक लगाते हुए सिंह को उनके घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी. शुक्ल ने बताया कि त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात की गयी है.

मायावती की अखिलेश को क्लीन चिट, कहा राजा भैया की बातों में नहीं आते तो जीतता हमारा प्रत्याशी

बता दें कि राजा भैया अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री थे, लेकिन सपा की सरकार जाने के बाद से उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता को लेकर संदेह है. इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में राजा भैया ने पहले सपा-समर्थित बीएसपी उम्मीदवार को समर्थन का भरोसा दिलाया था, लेकिन वोटिंग के बाद वे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ नजर आए थे. मतदान के बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि राजा भैया उनके साथ हैं. वहीं, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा था कि राजा भैया की बातों में नहीं आते तो उनके उम्मीदवार की जीत होती.