लखनऊ: एससी-एसटी एक्ट में किये गए संशोधन को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. यूपी में जगह-जगह केंद्र सरकार के कानून का विरोध हो रहा है. ताजा मामला यूपी सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के क्षेत्र में आया है. बरेली जिले के आंवला के अतरछेड़ी गांव के लोग सरकार के विरोध में उतर आये हैं. लोगों का कहना है ये सवर्णों का गांव है और और नोटा हमारा हथियार. गांव के लोगों का कहना है कि राजनीतिक पार्टियां वोट मांगकर शर्मिंदा न करें. Also Read - केंद्रीय कर्मचारियों के 20 दिन की Earned Leave लेने की अनिवार्यता का सरकार ने किया खंडन, कहा- अटकलों से बचे मीडिया

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रैली निकालकर जताया विरोध

बरेली जिले के आंवला तहसील क्षेत्र में सवर्ण बाहुल्य गांव है अतरछेड़ी. गांव के लोगों ने रैली निकालकर निर्णय लिया है कि एससी-एसटी कानून के विरोध में अब उनका गांव नोटा का विकल्प चुनेगा. गांव में जगह-जगह लोगों को जागरूक करने के लिए बैनर व पोस्टर लगाए गए हैं. अपील की गई है कि सभी अगले 2019 के लोकसभा चुनावों में किसी भी दल को वोट नहीं करेंगे. गांव के सवर्णों ने बताया कि उनको बीजेपी सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी. गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा बीजेपी को वोटिंग की है. लेकिन भाजपा सरकार ने सवर्णों के साथ धोखा किया है.

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गांव के युवाओं ने सरकार पर बोला हमला

गांव के राजकुमार मौर्य का कहना है कि सरकार ये चाहती है की सवर्ण को दबाकर उसे जेल भेज दे. उन्होंने कहा की जब से हम पैदा हुए हैं तब से आज तक आरक्षण खत्म नहीं हुआ. आरक्षण सवर्णों का दुश्मन है. उन्होंने कहा आरक्षण आर्थिक स्थिति के आधार पर मिले. जो कोर्ट ने फैसला किया था उसमें सरकार ने संसोधन करके सवर्णों को दबाने का काम किया है.