बनारस: बनारस में बेटों की काली करतूत जिसने भी सुनी वह शर्मसार होकर गुस्से से भर गया. बेटों ने मौत के बाद मां के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया, बल्कि शव को चार माह तक छिपाए रखे रहे. शव सड़-गल न जाए, इसके लिए वह केमिकल का लेप करते रहे. बेटों ने ऐसा इसलिए किया कि उन्हें मां की पेंशन मिलती रहे. बेटे चार माह तक मां के खाते में आने वाली पेंशन निकालते रहे. उन्होंने मां की मौत की भनक किसी को नहीं लगने दी. जिस महिला के साथ बेटों ने ऐसा सुलूक किया वह कस्टम विभाग में सुपरिटेंडेंट रहे शख्स की पत्नी थी. उनकी महिला से पहले ही मौत हो चुकी है.

शव सड़ न जाए, इसलिए लगाते थे केमिकल
ये चौंका देने वाला मामला बनारस के भेलूपुर थाना इलाके का है. दुर्गाकुंड आवास-विकास कॉलोनी के रहने वाले दयाशंकर कस्टम विभाग में सुपरिटेंडेंट थे. उनकी काफी समय पहले मौत हो चुकी थी. उनकी पत्नी अमरावती को मौत के बाद पेंशन मिलने लगी. उनके दो बेटे हैं, जो मां के साथ रहते थे. करीब 4 माह पहले 70 साल की अमरावती की मौत हो गई. इसके बाद भी बेटों ने किसी को इसकी भनक नहीं लगने दी और शव को छिपाकर रखे रहे. बेटे चार माह तक मां को मिलने वाली पेंशन लेते रहे. मां का शव सड़ न जाए इसके लिए केमिकल का लेप करते रहे.

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मां बीमार हैं कहते थे बेटे, पड़ोसियों ने की पुलिस को खबर
पड़ोसियों ने बताया कि वह अक्सर बेटों से उनकी मां के बारे में पूछते थे तो वह बीमारी की बात कहते थे. बेटों का कहना होता था कि मां बीमार हैं, इसलिए वह घर नहीं निकल रही हैं. घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को कुछ शक हुआ. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस को बेटों और उनकी पत्नियों ने पुलिस को घर में घुसने से रोकने की कोशिश की. पुलिस जबरन घर में घुसी, इसके बाद जो नजारा देखा उससे सभी दंग रह गए.

बेटों पर होगी कार्रवाई
पता चला कि अमरावती की मौत जनवरी 2018 को ही हो चुकी थी. बेटे और उनकी पत्नियां पेंशन के लिए शव छिपाकर रखे रहीं. पुलिस ने वृद्ध महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया है. पुलिस ने बताया कि बेटों के इस शर्मनाम कृत्य को लेकर कार्रवाई की जाएगी.