UP Panchayat Chunav 2021: उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट के बीच हुए पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे 135 शिक्षकों की मौत का मामला सामने के बाद इसपर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सख्ती दिखाई है और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग से ये भी कहा है कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल्स लागू नहीं करवाने पर आपके और आपके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?Also Read - ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने की मांग वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने यूपी चुनाव को जारी किया कारण बताओ नोटिस Also Read - ताजमहल विवाद पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी-आज आप कह रहे 22 कमरे खुलवाएं, कल कहेंगे जज का चैंबर...

हाईकोर्ट ने यूपी चुनाव आयोग को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि वो अगली तारीख को बताए कि पंचायत चुनाव के दौरान वो कोविड प्रोटोकॉल्स लागू करवाने मे में नाकाम क्यों रहा? इसके साथ ही उसके 27 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा क्यों ना चलाया जाए? कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को अब संक्रमण रोकने के लिए कदम उठाने पड़ेंगे, Also Read - 'सत्ता के नशे में सरकारी संपत्तियों को खुद की जागीर समझने लगे थे', आजम खान पर इलाहाबाद HC की सख्त टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग और यूपी पुलिस ने चुनाव ड्यूटी में लगे लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कुछ नहीं किया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा. इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 मई को होगी.

चुनाव में लगे 135 शिक्षकों की हो गई है मौत

एक हिंदी अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की मृत्यु हो गई है. इसके अलावा पंचायत चुनाव में प्रथम चरण के प्रशिक्षण से लेकर तीसरे चरण के मतदान तक हजारों शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. सूबे में अभी जहां-जहां चुनाव हो चुके हैं वहां कोरोना संक्रमण के मामले कई गुना बढ़े हैं.

पंचायत चुनाव प्रशिक्षण और ड्यूटी के बाद अब तक हरदोई-लखीमपुर में 10-10, बुलंदशहर, हाथरस, सीतापुर, शाहजहांपुर में 8-8, भदोही,लखनऊ व प्रतापगढ़ में 7-7, सोनभद्र, गाजियाबाद व गोंडा में 6-6, कुशीनगर, जौनपुर, देवरिया, महाराजगंज व मथुरा में 5-5, गोरखपुर, बहराइच, उन्नाव व बलरामपुर में 4-4 तथा श्रावस्ती में तीन शिक्षक, शिक्षा मित्र या अनुदेशक की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है.