UP Panchayat Election 2021: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) और ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी आगामी पंचायत चुनाव मिलकर लड़ सकती है. ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को कहा है कि ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार की पंचायत चुनाव में उनके भागीदारी संकल्प मोर्चा के तहत चुनावी मैदान में उतरने की संभावना है. Also Read - UP Panchayat Chunav Guideline 2021: चुनाव में चम्मच से लेकर कुर्सी तक का देना पड़ेगा हिसाब

हालांकि, ओवैसी ने यूपी में पंचायत चुनाव के जरिए ही 2015 में उत्तर प्रदेश में एंट्री की थी, लेकिन पांच साल में सूबे का सियासी मिजाज काफी बदल चुका है. सत्ता पर भाजपा के योगी आदित्यनाथ विराजमान हैं तो वहीं इस बार ओवैसी को राजभर के रूप में एक नय साथी मिल गया है. ओम प्रकाश राजभर की अगुवाई में छोटे और क्षेत्रीय दलों का भागदारी संकल्प मोर्चा का गठन किया गया है, जिसमें ओवैसी की पार्टी भी शामिल है. Also Read - Covid Vaccine लगने के अगले दिन वार्ड ब्वॉय की मौत, अधिकारी बोले-वैक्सीन नहीं, हार्ट अटैक थी वजह

ऐसे में यूपी के पंचायत चुनाव को भागेदारी संकल्प मोर्चा का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है, इसी के आधार पर 2022 के विधानसभा चुनाव की ओवैसी और राजभर बुनियाद रखेंगे. Also Read - High Court का बड़ा फैसला: बेटे का ही नहीं, विवाहित बेटी का भी अनुकंपा की नौकरी पर अधिकार

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुल 58,758 ग्राम पंचायत, जिनके कार्यकाल पूरे हो गए हैं. इसके अलावा ग्राम पंचायत सदस्य के कार्यकाल खत्म हो गए हैं. इसके अलावा सूबे के 823 ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्य सीटों और 75 जिले की जिला पंचायत के सदस्यों की 3200 सीटों पर एक साथ मार्च में चुनाव कराए जाने की संभावना है.

साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सूबे में हो रहे पंचायत चुनाव राजनीतिक दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. इसीलिए सत्ताधारी बीजेपी से लेकर कांग्रेस, सपा, बसपा, अपना दल, आम आदमी पार्टी और AIMIM सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने पंचायत चुनाव में उतरने की पूरी तैयारी कर रखी है.