नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में एक ऐसा वाक्या सामने आया जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. जिला जेल के अधीक्षक ने कारागार परिसर में साज-सज्जा के लिए लगाए गए पेड़-पौधों को चरने को लेकर दो घोड़ों और दो गधों को सजा दी गई. उन्हें तीन दिन के लिए जेल में बंद रखा गया. उनके मालिक के आने पर सोमवार शाम उन्हें छोड़ दिया गया. इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसे अपने कानों पर भरोसा नहीं हुआ. Also Read - Nandababa Temple Namaz Case: मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने वाले दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं कोर्ट ने की खारिज

जेल अधीक्षक तुलसी राम शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले जेल में हरियाली के लिए पौधे मंगाए गए थे. इसे जेल के अंदर लगाना था. बाहर टहल रहे इन गधों ने सारे पौधे खराब कर दिए. इस पर जेलर ने इन गधों को उरई जिला जेल में डाल दिया. यह भी पढ़ें: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में यूपी पुलिस ने भैंस को किया गिरफ्तार

खबरों की मानें तो गधों के जेल जाने पर उनके मालिक ने जेलर से रिहाई की गुहार लगाई. लेकिन जेलर ने फरियाद नहीं सुनी. बाद में स्थानीय नेता के कहने पर चार दिन के बाद इन गधों को छोड़ा गया. गधों को जेल से बाहर निकलते देख वहां मौजूद लोग भी हैरान हो गए.

यूपी में जानवरों को गिरफ्तार करने का यह पहला मामला नहीं है. बल्कि इससे पहले भी यूपी पुलिस ऐसी हरकत कर चुकी है. उत्तर प्रदेश के लखमीपुर खीरी में एक ऐसे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जिसका नाम सुनकर ही लोगों को झटका लग रहा है. यह आरोपी कोई इंसान नही है बल्कि एक भैंस था.

यूपी पुलिस ने भैंस को किया गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी में बलदेव बैदिक इंटर कालेज के कर्मचारियों ने 100 नंबर पुलिस को फोन कर के बुलाया. उन्होंने कहा की कॉलेज की गेट को फांद कर भैंस बाउंड्री घुस आई. उसके बाद भैंस ने वहां पर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण किए के सभी सरकारी पेड़ को चबाकर खाने लगी तो लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सरकारी संपत्ति को नुकासन पहुंचाने के आरोप में एक भैंस को बांधकर अपने साथ कोतवाली लेकर गई.