उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में बृहस्पतिवार को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के चयन के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के मामले में तीन उप निरीक्षक सहित नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है जबकि इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है. मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार है और पुलिस उप महानिरीक्षक ने इस घटना में पुलिस की लापरवाही को स्वीकार किया है.Also Read - UP Police HO Recruitment: यूपी पुलिस में हेड ऑपरेटर के पद पर आई बंपर भर्ती, आवेदन शुरू, जानें कैसे करें आवेदन

दूसरी तरफ बैरिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने रेवती कांड की पुलिसिया जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए इसकी सीबी-सीआईडी से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने शुक्रवार को यहां कहा कि रेवती कांड के मामले में पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है. इस मामले पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. Also Read - UP Police Recruitment 2022: यूपी पुलिस में 2,430 पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन की प्रक्रिया आज से शुरू

अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार यादव ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार को रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के चयन के दौरान हुई घटना के मामले में लापरवाही बरतने पर रेवती थाने में तैनात तीन उप निरीक्षकों -सूर्य कांत पांडेय, सदानन्द यादव व कमला सिंह यादव तथा छह अन्य आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है. Also Read - UPPBPB Constable Recruitment 2022: यूपी पुलिस में कांस्टेबल और फायरमैन के 26000 पदों पर भर्ती के लिए जल्‍द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, जानें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में पहले ही उप जिलाधिकारी सुरेश चंद्र पाल व पुलिस उपाधीक्षक चन्द्रकेश सिंह को निलंबित कर दिया था. अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी की आख्या से स्पष्ट है कि अभियुक्त गण स्थल पर असलहा लेकर आये और पुलिस उपाधीक्षक चन्द्रकेश सिंह व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे.

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रेवती थाने में चंद्रमा पाल की शिकायत पर धीरेंद्र प्रताप सिंह डब्ल्यू, उनके भाई नरेन्द्र प्रताप सिंह सहित आठ लोगों को नामजद किया गया था. उन्होंने बताया कि इसके अलावा 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने फिलहाल पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है .

उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दबिश दी जा रही है, लेकिन मुख्य आरोपी धीरेंद्र समेत सभी फरार हैं. अपर पुलिस महानिदेशक ब्रजभूषण व पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दूबे बलिया पहुंच गये हैं. उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया. पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दूबे ने पत्रकारों को बताया कि इस घटना में प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही सामने आई है.

(इनपुट-भाषा)