लखनऊ: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सिपाही भर्ती परीक्षा पास करवाने वाले सॉल्वर गैंग के 17 लोगों को इलाहाबाद और गोरखपुर से गिरफ्तार किया है. सॉल्वर गैंग के 17 लोगों में इलाहाबाद हाईकोर्ट का वकील सत्येंद्र कुमार सिंह भी शामिल है. गोरखपुर से 11, तो इहालाबाद से 6 और बुलंदशहर से पुलिस ने किसी और अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने जा रहे मुन्नाभाई (सॉल्वर) को पकड़ा गया है.

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि सूचनाएं मिली थीं कि गोरखपुर में कई सेंटर पर होने वाली इस परीक्षा में धांधली करने वाला गिरोह सक्रिय है. इस पर टीम नजर बनाए हुए थी. सूचना के आधार पर एसटीएफ ने सोमवार तड़के कैंट इलाके के रेलवे स्टेशन रोड से मास्टरमाइंड अनिल गिरि समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से 8 लोग गोरखपुर के रहने वाले हैं, वहीं दो साल्वर समेत तीन लोग बिहार के है. इनकी पहचान धीरेंद्र कुमार उर्फ धीरू कुमार, विवेक कुमार (साल्वर), विपिन कुमार (साल्वर), शंकर कुमार (साल्वर), निवासीगण बिहार, विकास यादव (अभ्यर्थी), सत्यवंत यादव (अभ्यर्थी) निवासीगण गोरखपुर, अनिल गिरि, आनंद यादव, संजीव सिंह उर्फ चंचल, सुनील कुमार और अमरनाथ यादव निवासीण गोरखपुर के रूप में हुई है. इल लोगों के पास से पांच लाख अस्सी हजार पांच सौ साठ रुपये, 14 प्रवेशपत्र, 16 मोबाइल, एक कार, फर्जी पहचानपत्र और कई अभ्यर्थियों के आधार कार्ड एवं वोटरकार्ड, आईडी कार्ड मिले.

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सॉल्‍वर गैंग से सामग्री व नकदी बरामद
वहीं इलाहबाद के नैनी थाना क्षेत्र के नई बाजार स्थित गजराज सिंह स्कूल एण्ड कालेज में बैठ कर दूसरे अभ्यार्थियों की जगह सिपाही भर्ती परीक्षा दे रहे 06 लोगों कौशल सिंह पटेल, इमरान अली व मो इरफान निवासीगण इलाहाबाद, नितिन शुक्ला निवासी भदोही, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह निवासी बलिया और पवन कुमार सिंह निवासी जनपद आरा हाल पता पटना बिहार को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि पकड़ा गया आरोपी इमरान वर्ष 2014 में आंसरशीट देने के नाम पर एक युवक से लूट करने के मामले में पकड़ा गया था. इस मामले में वह जेल भी गया था. आईजी ने बताया कि इन लोगों के पास से 10 मोबाइल, फर्जीवाड़े के लिए अंगूठे का निशान लेने वाले 20 एमशील, 6 ब्लू टूथ डिवाइस, 19 मोबाइल स्क्रीन शाट, 35 लाख रुपए 34 एकाउंट पेयी चेक, 12 आधार कार्ड, डीएल एवं पैनकार्ड (ओरिजनल), 11 एडमिट कार्ड और 1,49,000 रुपये और ओएमआर शीट, प्रश्नपत्र एवं एडमिट कार्ड मिले हैं.

70 से 80 हजार में परीक्षा पास कराने का ठेका
इलाहाबाद के तेलियरगंज से रविवार देर शाम गैंग के एजेंट फूलचंद्र पटेल व दो छात्रों मनीष यादव और अजय यादव समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग अभ्यर्थियों से अवैध वसूली कर परीक्षा में उनके स्थान पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने का ठेका लेते हैं. पूछताछ में सॉल्वारों ने बताया कि कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं और बिहार के रहने वाले कोचिंग सेंटर संचालक के कहने पर यह लोग परीक्षा देने आए थे. पूछताछ में इन्होंने बताया कि संचालक ने 70 से 80 हजार रुपये में परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था. 100 से अधिक लोगों ने एडवास दे दिया था. सॉल्वर गैंग में मास्टरमाइंड अनिल गिरि और पटना के धीरू ने पूछताछ में बताया कि वह लोग अभ्यर्थी के फिंगर प्रिंट लेकर उसका क्लोन कोलकाता की फोरेंसिक लैब से बनवाते थे. वहीं क्लोन अंगूठे पर चिपका कर सॉल्वर को अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देनी थी. उन्होंने 70 अभ्यर्थियों के नकली बायोमेट्रिक बना लिए थे। एक नकली फिंगर प्रिंट के लिए 7 हजार रुपए देते थे.

दूसरे की जगह परीक्षा देने जा रहा सॉल्‍वर दबोचा
उधर पुलिस ने बुलंदशहर जिले के थाना जहांगीराबाद में पुलिस भर्ती परीक्षा में दूसरे अभ्यार्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचे साल्वर युवक उमेश चौधरी को खालौर तिराहे पर स्टेडियम के पास गिरफ्तार किया. उसके पास से 4 पुलिस भर्ती सम्बन्धी प्रवेश-पत्र (भिन्न-भिन्न अभ्यर्थियो के नाम के), 2 आधार कार्ड, 2 फोटो निर्वाचन पहचान पत्र व 1 मोबाइल आई फोन बरामद हुए. आरोपी ने बताया कि वह युवकों से संपर्क कर पुलिस भर्ती परीक्षा देने दिलाने के लिए लड़कों का पहचानपत्र लेकर उनकी जगह लिखित परीक्षा देकर पास कराता है. इसके लिए वह एक से डेढ़ लाख लेता है. वह पहले भी अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देकर कई विभागों में अभ्यर्थियों की नौकरी लगवाई है. वह आज हापुड़ निवासी सुबोध कुमार की जगह परीक्षा देने मुरादाबाद जा रहा था. आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली कराने आ रहे युवकों को गोरखपुर व इलाहबाद से गिरफ्तार किया गया है. इन लोगों के पास से कई अभ्यर्थियों के फोटो बरामद हुए हैं. मुख्य आरोपी सीआईएसएफ भर्ती में भी गड़बड़ी के प्रयास में गिरफ्तार हो चुका है. (इनपुट-एजेंसी)