लखनऊ: उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में विधिक नियम कायदों का पालन नहीं करने पर पुलिस ने एक हिन्दू युवती और मुस्लिम युवक का विवाह रुकवा दिया. इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नही की गई है.Also Read - यूपी: भेलपूरी बेचने वाले ने 5 करोड़ रुपए ठगे, 300 लोगों को इस तरह बनाया शिकार

एसीपी (दक्षिण) सुरेश चंद्र रावत ने शुक्रवार को बताया, ”पुलिस को ऐसी सूचना मिली थी कि बुधवार को पारा इलाके की डूडा कॉलोनी में अंतरधार्मिक विवाह हो रहा है. इस पर पुलिस दल वहां पहुंचा तो पाया कि शादी की तैयारियां हो रही थी. पुलिस ने दोनों परिवारों को विवाह के लिये आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने को कहा जिस पर परिजन राजी हो
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एसीपी साउथ रावत ने बताया कैमिस्‍ट्री में पीजी रैना गुप्ता (22) और पेशे से फार्मासिस्ट मोहम्मद आसिफ (24) की शादी की तैयारियां चल रही थी. पुलिस ने दोनोंं परिवारों को पारा पुलिस थाने बुलाया और उन्हें उत्‍तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश, 2020 के बारे में जानकारी दी. पारा इलाके की पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, क्योंकि दोनों परिवार शादी टालने को राजी हो गए. Also Read - UP Police SI ASI Exam 2021 Date: आज जारी हो सकता है यूपी पुलिस एसआई और एएसआई भर्ती परीक्षा की तारीख, जानें कहां होंगे परीक्षाकेंद्र

विधि विरुद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश, 2020 के तहत ऐसे धर्म परिवर्तन को अपराध की श्रेणी में लाया गया है, जो छल, कपट, प्रलोभन, बलपूर्वक या गलत तरीके से प्रभाव डाल कर विवाह करने के लिए किया जा रहा हो. इसे गैर जमानती संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने और उससे संबंधित मुकदमे को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विचारणीय बनाए जाने का प्रावधान किया गया है.

बता दें कि अध्यादेश का उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल कैद तथा 15,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है. नाबालिग लड़की, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के मामले में तीन साल से 10 वर्ष तक की कैद और 25,000 रुपए जुर्माना लगाने का प्रावधान है. इसके अलावा सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में अधिकतम 10 साल की कैद और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को जिला अधिकारी के सामने एक निर्धारित प्रारूप में दो माह पहले इसकी सूचना देनी होगी. इजाजत मिलने पर वे धर्म परिवर्तन कर सकेंगे. इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन साल तक की कैद और 10,000 रुपए जुर्माने की सजा तय की गई है.