UP Assembly Polls 2022: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह (RPN Singh) के कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल होने के कुछ ही घंटों के भीतर पडरौना से पार्टी के उम्मीदवार मनीष जायसवाल (Manish Jaiswal) और कुशीनगर जिला इकाई के प्रमुख राजकुमार सिंह ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. पार्टी छोड़ने के बाद राजकुमार सिंह ने कहा, ‘मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि पार्टी में आरपीएन सिंह के लिए कोई सम्मान नहीं था.’ सिंह ने कहा कि वह भी भाजपा में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व जिला इकाई प्रमुख ने यह भी बताया कि पडरौना से पार्टी प्रत्याशी मनीष जायसवाल ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.Also Read - सीएम योगी निभाएंगे हर वादा-बुजुर्ग महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान-यूपी रोडवेज की बसों में अब करेंगी मुफ्त यात्रा

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को लिखे एक पत्र में जायसवाल ने कहा है, ‘2022 यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मुझे पडरौना विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया था. मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं, लेकिन, मौजूदा स्थिति में मैं कांग्रेस से चुनाव लड़ने में असमर्थ हूं, और मैं अपना टिकट वापस करना चाहता हूं. मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं.’ जायसवाल से पहले, कांग्रेस के दो घोषित उम्मीदवारों ने पार्टी से इस्तीफा देकर अन्य दलों का दामन थाम लिया था. Also Read - Uttar Pradesh Vidhan Sabha: आठ बार के विधायक सतीश महाना का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय

उप्र में भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने रविवार को हैदर अली खान को रामपुर जिले की स्वार विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया. कांग्रेस छोड़कर आने से पहले खान को 13 जनवरी को पार्टी (कांग्रेस) ने इसी विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. इससे पहले बरेली छावनी से कांग्रेस प्रत्याशी सुप्रिया ऐरन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और शनिवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं. रामपुर और बरेली में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होगा. कुशीनगर में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होगा. Also Read - Punjab Cabinet Ministers List 2022: ये हैं पंजाब के नए मंत्री, मंत्रालयों और जिम्मेदारियों के बारे में यहां जानें

आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ने के बाद यहां लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से बातचीत में सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कायर’ बताया. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि कांग्रेस जो लड़ाई लड़ रही है, वह बहुत मुश्किल है. उसे साहस और वीरता से लड़ा जाना है. यह सच और सिद्धांतों की लड़ाई है. यह एजेंसियों के खिलाफ लड़ाई है. प्रियंका (गांधी वाद्रा) ने भी यह कहा है. मुझे नहीं लगता कि यह लड़ाई कायर के लिए है. इसे लड़ने के लिए साहस होना चाहिए.’ जितिन प्रसाद के पिछले साल कांग्रस छोड़ने के बाद, सिंह उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से दूसरे बड़े नेता हैं, जिन्होंने पार्टी का साथ छोड़ा है. प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए और बाद में योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बने.

(इनपुट: भाषा)