लखनऊ: इलाहाबाद में अगले साल होने वाले कुंभ मेले की यादें हमेशा ताजा बनी रहें, इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण कुंभ के ‘लोगो’ का उपयोग बढ़ाने के वास्ते इसका अधिकार बेचने की तैयारी कर रहा है. श्रद्धालु मेले में स्नान के दौरान कई चीजें खरीदकर ले जाते हैं और उन चीजों पर कुंभ का ‘लोगो’ उन्हें हमेशा इस मेले की याद दिलाएगा. Also Read - UP: Covid महामारी का संकट, सीएमओ ने लखनऊ में मदद के लिए जारी किए ये हेल्‍पलाइन नंबर

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कुंभ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) तैयार किया जा रहा है और अगले 15 दिनों में टेंडर जारी किए जाने की संभावना है. उन्होंने बताया कि हम चाहते हैं कि मेले में बिकने वाली वस्तुओं पर इस ‘लोगो’ का उपयोग किया जाए, ताकि लोग जब इन वस्तुओं को अपने साथ ले जाएं तो इस ‘लोगो’ के माध्यम से उनकी कुंभ की यादें ताजा होती रहें. प्राधिकरण विभिन्न कंपनियों को अपने ‘लोगो’ के इस्तेमाल का अधिकार बेच कर आय बढ़ाएगा. Also Read - UP: अयोध्या में कोरोना के चलते रामनवमी मेला स्थगित, सीमाएं सील होंगी, हरिद्वार कुंभ के संतों को प्रवेश की इजाजत नहीं

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प्रयाग कुंभ में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

बता दें कि आगामी प्रयाग कुंभ में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. मेले में हजारों की संख्या में स्टाल लगते हैं और ज्यादातर श्रद्धालु यहां से गंगा जल और प्रसाद अपने साथ ले जाते हैं. मेले में टी-शर्ट, टोपी, पेन, चाबी का गुच्छा जैसी वस्तुओं पर कुंभ का ‘लोगो’ इस्तेमाल किया जा सकता है. यदि कोई कंपनी या संस्था बिना मंजूरी के कुंभ के ‘लोगो’ का उपयोग करती है तो उसके खिलाफ कापी राइट कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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